श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मैराथन समीक्षा बैठक, श्रमिक हितों को लेकर दिए अहम निर्देश

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने नवा रायपुर में श्रम विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक लेकर श्रमिक हितों, निरीक्षण व्यवस्था, कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम और श्रम अन्न केंद्र शुरू करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

Feb 12, 2026 - 19:00
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श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मैराथन समीक्षा बैठक, श्रमिक हितों को लेकर दिए अहम निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. भूपेन्द्र साहू, कोरबा। छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने गुरुवार को नवा रायपुर अटल नगर में श्रम विभाग की दो चरणों में मैराथन समीक्षा बैठक ली। बैठक में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं, कारखानों में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के प्रथम चरण में श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों मंडलों की योजनाओं और कारखानों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। श्रम मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारखानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निरीक्षण में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर संबंधित उद्योगों को आवश्यक निर्देश देने और मासिक निरीक्षण की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और विभिन्न योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में श्रम विभाग के सचिव हिमशखर गुप्ता, डिप्टी सेक्रेटरी विपुल गुप्ता, अपर श्रम आयुक्त एस.एल. जांगड़े और बीओसी सचिव गिरीश रामटेके सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम पर विशेष फोकस किया गया। मंत्री देवांगन ने निर्देश दिए कि पंजीकृत श्रमिकों को ईएसआईसी और पीएफ का लाभ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ठेकेदारों को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत हैं या नहीं, इसका सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। निजी कंपनियों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उपादान भुगतान मामलों का जल्द निराकरण और शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर भी जोर दिया गया।

बैठक में शहीद वीर नारायण श्रम अन्न केंद्र की समीक्षा करते हुए सात जिलों में जल्द केंद्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इनमें मुंगेली, सक्ति, जगदलपुर, कांकेर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, जशपुर और जगदलपुर शामिल हैं।

दूसरे चरण की बैठक में कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। मंत्री देवांगन ने सभी जिलों की डिस्पेंसरी की समीक्षा करते हुए ओपीडी संख्या बढ़ाने और श्रमिकों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने डिस्पेंसरी स्टाफ की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने और प्रमुख डिस्पेंसरी में सुविधाएं बढ़ाने के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा।

इसके साथ ही उद्योगों में नजदीकी डिस्पेंसरी की जानकारी चस्पा करने और कारखानों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।