बलरामपुर में हाथी का आतंक, दल से बिछड़े हाथी ने किसानों के घर तोड़े
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में दल से बिछड़े एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया है। तीन दिनों में चार किसानों के घर तोड़ने और अनाज नष्ट करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर | जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में दल से बिछड़े एक विशालकाय हाथी ने ग्रामीण इलाकों में भारी आतंक मचा दिया है। हाथी के अचानक गांव की ओर आ जाने से क्षेत्र के लोग बीते एक महीने से भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार बीते तीन दिनों के भीतर इस हाथी ने चार किसानों के घरों को तोड़ डाला और घरों में रखे अनाज को चट कर दिया। इस लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
सबसे ज्यादा आतंक कोटराही गांव में देखने को मिला, जहां हाथी ने रात के समय गांव में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की मौजूदगी की खबर मिलते ही लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। कई परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। खेतों और जंगल के आसपास जाने से लोग बच रहे हैं, जिससे किसानों के दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी के आतंक से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लगातार हाथी की गतिविधियों से फसल, अनाज और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है।
वन विभाग की टीम इलाके में डेरा डालकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभाग द्वारा मुनादी कर ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में बाहर न निकलने और हाथी के नजदीक न जाने की अपील की जा रही है। वन अमले द्वारा गांव के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।
फिलहाल हाथी की मौजूदगी वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में बनी हुई है और वन विभाग हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। प्रशासन का प्रयास है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए हाथी को सुरक्षित वातावरण में भेजा जा सके, ताकि ग्रामीणों को इस आतंक से राहत मिल सके।