एसडीएम गुरूर ने पुरूर स्थित राइस मिल का किया निरीक्षण, धान व चावल का भौतिक सत्यापन
बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के तहत अवैध खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से एसडीएम गुरूर ने पुरूर स्थित राइस मिल का निरीक्षण किया और धान एवं चावल की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू ,बालोद। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना को पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इस क्रम में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के साथ-साथ धान खरीदी केंद्रों से धान के समुचित उठाव को सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि उपज मंडी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी थोक एवं फुटकर व्यापारियों की दुकानों, गोदामों के साथ-साथ जिले में संचालित राइस मिलों की नियमित जांच कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज एसडीएम गुरूर आर.के. सोनकर द्वारा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ गुरूर विकासखंड के ग्राम पुरूर स्थित खेम ट्रेडर्स राइस मिल का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम गुरूर ने राइस मिल में उपलब्ध धान एवं चावल की मात्रा का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने मिल में संधारित स्टॉक रजिस्टर, खरीदी एवं विक्रय से संबंधित दस्तावेजों की जांच की और मौके पर उपलब्ध भंडारण की वास्तविक स्थिति का मिलान किया। साथ ही यह भी देखा गया कि राइस मिल में रखे गए धान एवं चावल का स्रोत वैध है या नहीं तथा कहीं समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान की अवैध खरीदी-बिक्री तो नहीं की जा रही है।
एसडीएम श्री सोनकर ने राइस मिल प्रबंधन को निर्देश दिए कि शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों ने राइस मिल में भंडारण व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की। प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन निरीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का दुरुपयोग न हो और किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिले।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में आगे भी इस तरह की नियमित जांच एवं निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे, ताकि धान खरीदी योजना को निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके।