ग्राम जगन्नाथपुर में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा घटा, किसानों ने दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर बढ़ाया कदम

बालोद जिले के ग्राम जगन्नाथपुर में किसानों ने गिरते भू-जल स्तर और बढ़ती लागत को देखते हुए ग्रीष्मकालीन धान की खेती कम कर दलहन व तिलहन फसलों को अपनाया है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के मार्गदर्शन से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिला है।

Jan 15, 2026 - 11:09
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ग्राम जगन्नाथपुर में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा घटा, किसानों ने दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर बढ़ाया कदम

UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद। बालोद जिले के बालोद विकासखंड अंतर्गत ग्राम जगन्नाथपुर में किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती का रकबा घटाकर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को अपनाना शुरू कर दिया है। गिरते भू-जल स्तर, बढ़ती सिंचाई लागत और कम पानी में अधिक लाभ देने वाली फसलों के प्रति जागरूकता के चलते किसानों ने यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इसका सकारात्मक प्रभाव गांव की जल संरचना और किसानों की आय दोनों पर पड़ रहा है।

कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चन्द्राकर ने बताया कि ग्राम जगन्नाथपुर में कुल 424 हेक्टेयर कृषि भूमि उपलब्ध है। पिछले वर्ष 2024-25 में लगभग 380 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की खेती की गई थी, जिससे अत्यधिक जल दोहन हुआ। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा निरंतर मार्गदर्शन और जागरूकता के बाद वर्ष 2025-26 में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा घटकर केवल 120 हेक्टेयर रह गया है। इसके साथ ही लगभग 254 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाया है।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर  दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में लगातार भू-जल संरक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत ‘कृषक चैपाल’, ग्राम सभाओं एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को यह जानकारी दी जा रही है कि ग्रीष्मकालीन धान में अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है, जिससे भूमिगत जल स्तर तेजी से गिरता है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को गन्ना, मक्का, कुसुम, सूरजमुखी, दलहन एवं तिलहन जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन फसलों से किसानों की उत्पादन लागत कम होती है और बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है।

सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत दलहन एवं तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से भी सुरक्षित रह सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम जगन्नाथपुर में किया गया यह प्रयास सतत कृषि और जल संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है, जो आने वाले समय में जिले के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।