घटना 1 माह पहले की है, जब प्रार्थी ने अपने घर के पास महादेव घाट क्षेत्र में अपनी दो कारें खड़ी की थीं। देर रात अज्ञात व्यक्तियों ने पेट्रोल डालकर दोनों कारों में आग लगा दी और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। प्रार्थी की शिकायत पर थाना डी.डी. नगर में तत्काल एफआईआर दर्ज की गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) के निर्देशन में तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम) के सहयोग से एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना डी.डी. नगर की संयुक्त टीम शामिल थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने भिलाई क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक कैम्प कर दबिश दी और अंततः तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश कुमार सिंह उर्फ पंचर (30 वर्ष), इमरान खान (25 वर्ष) और लिमेश उर्फ निम्बु ठाकुर (25 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित थी। मुख्य साजिशकर्ता राहुल वर्मा के निर्देश पर वे दुर्ग से रायपुर आए थे।
आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी की थी। वे मास्क और ग्लव्स पहनकर पैशन प्रो मोटरसाइकिल से घटनास्थल पहुंचे और जीपीएस लोकेशन के जरिए प्रार्थी के घर के पास खड़ी कारों की पहचान की। इसके बाद मुख्य आरोपी लिमेश उर्फ निम्बु ठाकुर ने पेट्रोल डालकर दोनों कारों में आग लगा दी, जबकि अन्य आरोपी मुकेश और इमरान ने सफेद रंग की स्विफ्ट कार से सहयोग किया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी वापस दुर्ग भाग गए।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, मुख्य साजिशकर्ता राहुल वर्मा सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना डी.डी. नगर और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम का विशेष योगदान रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार यादव, निरीक्षक सचिन सिंह (प्रभारी एसीसीयू) सहित उनकी टीम के कई सदस्यों ने इस केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई रायपुर पुलिस की तत्परता और अपराध नियंत्रण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।