बिजली दर वृद्धि के खिलाफ आम आदमी पार्टी का विरोध, 2 अप्रैल को प्रदेशभर में बिजली ऑफिस घेराव का ऐलान
छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि के विरोध में आम आदमी पार्टी ने 2 अप्रैल को प्रदेशव्यापी बिजली कार्यालयों के घेराव का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं ने इसे सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताते हुए दर वृद्धि वापस लेने और बकायादारों से वसूली की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने इसे सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताते हुए 2 अप्रैल 2026 को प्रदेशभर में बिजली कार्यालयों के घेराव और धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है।
रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा, कर्मचारी विंग के प्रदेश अध्यक्ष विजय झा, प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ, संयुक्त सचिव कलावती मार्को और मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे बिजली सरप्लस राज्य में बार-बार बिजली दर बढ़ाना आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना है।
पार्टी नेताओं ने बताया कि वर्ष 2025 में जुलाई माह में भी बिजली दरों में वृद्धि की गई थी और अब फिर अप्रैल 2026 में दर बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया है। उनका कहना है कि बिजली कंपनियां 7000 करोड़ रुपये का घाटा दिखाकर आम जनता से इसकी भरपाई कर रही हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। साथ ही, बिजली बिलों में ऊर्जा प्रभार के अलावा कई गैरजरूरी चार्ज भी जोड़े जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी ने सरकार के सामने छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग बिजली दर वृद्धि को तत्काल रोकने और पहले से बढ़ी हुई दरों को कम करने की है। इसके अलावा पार्टी ने बड़े बकायादार उद्योगपतियों और सरकारी विभागों से बकाया बिजली बिल की वसूली करने या उनका कनेक्शन काटने की मांग की है।
पार्टी ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कटने की समस्या आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने या तो इसमें सुधार करने या फिर पुराने मीटर सिस्टम को लागू करने की मांग की है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही असमय बिजली कटौती बंद करने और ट्रांसफार्मर की मुफ्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
AAP नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 1 मई 2026 के बाद पार्टी कार्यकर्ता बड़े बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने के लिए अभियान चलाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली वितरण कंपनी के प्रबंधन में सुधार नहीं होने पर संबंधित एमडी से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
2 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और मुख्यमंत्री तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के एमडी के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। रायपुर के बिरगांव क्षेत्र में कर्मा चौक, उरला स्थित बिजली कार्यालय में शाम 4 बजे विशेष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में बिजली दर वृद्धि को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज होने की संभावना है।