उभेगांव में निर्माण कार्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप, सीएम हेल्पलाइन के निराकरण पर उठे सवाल
छिंदवाड़ा के ग्राम पंचायत उभेगांव में मशरूम भवन और अमृत सरोवर निर्माण में कथित भ्रष्टाचार व घटिया निर्माण को लेकर दर्ज शिकायतों के निराकरण पर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता ने स्वतंत्र तकनीकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l ग्राम पंचायत उभेगांव में मशरूम भवन सेंटर और अमृत सरोवर निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर दर्ज शिकायतों के निराकरण पर विवाद गहरा गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की निष्पक्ष जांच किए बिना विभाग ने केवल औपचारिक प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें निराधार बताते हुए फोर्स क्लोज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे पूरी जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायत के अनुसार, करीब 8.50 लाख रुपये की लागत से बने मशरूम भवन की दीवारों से निर्माण के कुछ समय बाद ही प्लास्टर झड़ने लगा। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हुआ था तो इतनी जल्दी उसकी स्थिति खराब क्यों हुई। उनका आरोप है कि निर्माण की कमियों को छिपाने के लिए पेंटिंग कराई जा रही है, जबकि विभाग स्वयं स्वीकार कर रहा है कि भवन का अंतिम भुगतान अभी शेष है।
इसी तरह लगभग 24.86 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे अमृत सरोवर को लेकर भी शिकायतकर्ता ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहली ही बारिश में मिट्टी का बांध क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह पैदा होता है। इसके बावजूद विभाग ने अपने जवाब में केवल यह कहा कि कार्य अभी प्रगतिरत है और सामग्री का भुगतान नहीं हुआ है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभाग ने उन्हीं अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर शिकायतों को निराधार बताया है, जिनकी जिम्मेदारी निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की थी। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए किसी स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी या उच्च स्तरीय समिति से निर्माण कार्यों का मूल्यांकन कराया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का निष्पक्ष और प्रभावी समाधान करना है। यदि बिना स्वतंत्र जांच के शिकायतों को बंद किया जाएगा तो इससे लोगों का शासन और प्रशासन पर भरोसा प्रभावित होगा।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि दोनों निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण सामग्री की दोबारा लैब जांच हो, वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण किया जाए और यदि अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता और ग्राम पंचायत उभेगांव के पंचों के प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि 7 अगस्त को मुख्यमंत्री मोहन यादव के छिंदवाड़ा दौरे के दौरान इस मामले पर भी संज्ञान लिया जाएगा। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के जन-विश्वास दौरे के दौरान ग्राम पंचायत उभेगांव के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।