भिलाई–मुहाई मार्ग बदहाल: जलनिगम और ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीण परेशान
मध्यप्रदेश के देवास जिले के कन्नौद जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भिलाई में जलनिगम की पेयजल पाइपलाइन परियोजना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। पाइपलाइन बिछाने में कथित तकनीकी लापरवाही के कारण भिलाई–मुहाई के बीच डेढ़ किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों और मंत्री स्तर से निर्देश मिलने के बावजूद न सड़क की मरम्मत हुई और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. आदित्य श्रोत्रिय, देवास l मध्यप्रदेश के देवास जिले के कन्नौद जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भिलाई में जलनिगम की पेयजल पाइपलाइन परियोजना ग्रामीणों के लिए राहत की बजाय परेशानी का कारण बन गई है। सरकार जहां हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और तकनीकी मानकों की अनदेखी से भिलाई–मुहाई मार्ग पूरी तरह बदहाल हो गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और लोगों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार जलनिगम द्वारा भिलाई और मुहाई के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया। इस दौरान पूरी सड़क के बीच लंबी नाली खोद दी गई, जिससे मार्ग पूरी तरह उखड़ गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल नहीं किया गया। नतीजतन अब इस रास्ते से दोपहिया, चारपहिया और लोडिंग वाहन निकालना मुश्किल हो गया है। कई बार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य भारी वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार पाइपों को लगभग तीन फीट या उससे अधिक गहराई में दबाया जाना चाहिए था, लेकिन अधिकांश स्थानों पर केवल डेढ़ से दो फीट की गहराई में पाइप डालकर कार्य पूरा कर दिया गया। इससे भविष्य में पाइपलाइन और सड़क दोनों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
ग्राम पंचायत भिलाई के सरपंच गंगाराम मालवीय और उपसरपंच मुकेश जाट ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान कई बार गुणवत्ता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। ग्रामीणों ने भी निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को तकनीकी खामियों से अवगत कराया, लेकिन किसी ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। विरोध के बावजूद कार्य उसी तरीके से जारी रखा गया।
भिलाई ग्राम पंचायत में शामिल मुहाई गांव के लोगों के लिए यह मार्ग सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पंचायत और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए ग्रामीण प्रतिदिन इसी रास्ते से भिलाई आते-जाते हैं। सड़क खराब होने के कारण अब लोगों को कुसमानिया होकर लगभग छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय, ईंधन और परिवहन खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत की ओर से इस मामले की लिखित शिकायत पीएचई मंत्री सम्पतिया उइके को भी भेजी गई थी। मंत्री स्तर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद न सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच हुई। शिकायतों के बाद भी संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे पाइपलाइन निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, भिलाई–मुहाई मार्ग को तत्काल पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए तथा निर्माण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।