ग्रामीणों के मुताबिक कुरलापारा से थाना मार्ग के जिस हिस्से में प्रदर्शन किया गया, वहां बारिश होते ही सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी होती है। दोपहिया वाहनों से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़क की स्थिति खराब हो जाती है और मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अमलीपदर-खरीपथरा मार्ग से जुड़ी है। सड़क का निर्माण पहले भी किया जा चुका है और इसे दो बार बनाया जा चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अंतिम बार वर्ष 2021 में सड़क का निर्माण कराया गया था। निर्माण के करीब पांच साल बाद सड़क की स्थिति खराब होने के कारण अब ग्रामीण इसके रिनिवल और मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ रहा है। गांव के लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। बारिश के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने के कारण आवागमन बाधित होता है। ग्रामीणों ने अपनी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए पारंपरिक शिकायत या ज्ञापन के बजाय सड़क पर धान रोपाई का तरीका अपनाया। प्रदर्शन के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि सड़क की स्थिति खेत जैसी हो गई है।
मामले को लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग की ओर से भी जानकारी दी गई है। PMGSY के उपयंत्री सौरभ दास के अनुसार सड़क का निर्माण करीब पांच साल पहले हुआ था। सड़क के रिनिवल के लिए प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा जा चुका है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सड़क निर्माण या आवश्यक मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
ग्रामीणों की मांग है कि बारिश के मौसम में लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए सड़क के सुधार की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। उनका कहना है कि मार्ग की खराब स्थिति के कारण पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सड़क की स्थिति सुधरने से ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सकेगी।
फिलहाल विभाग की ओर से रिनिवल प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। अब ग्रामीणों की नजर प्रस्ताव की मंजूरी और सड़क सुधार कार्य शुरू होने पर है। बारिश के बीच सड़क पर धान रोपाई कर किया गया यह प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके इस अनोखे प्रदर्शन के बाद सड़क की समस्या पर जल्द कार्रवाई होगी।