बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रदेशभर में जागरूकता अभियान तेज, छात्राओं को साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों की दी जानकारी

छत्तीसगढ़ में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत विभिन्न जिलों के विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, महिला अधिकार, बाल संरक्षण, आत्मरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है।

Jul 17, 2026 - 18:12
 0  4
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रदेशभर में जागरूकता अभियान तेज, छात्राओं को साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों की दी जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को व्यापक जनजागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों में विद्यालय स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए छात्र-छात्राओं, किशोर-किशोरियों और आमजन को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, साइबर अपराधों से बचाव, कानूनी अधिकारों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिहारपुर में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह के दुष्परिणाम, यातायात नियमों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के महत्व से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 के उपयोग एवं आवश्यकता के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। शिविर में आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया तथा पोषण सामग्री का वितरण भी किया गया।

बलरामपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गांजर और बड़कागांव में भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम, गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल संरक्षण और किसी भी अनुचित घटना की जानकारी तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग और उसके महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

कार्यक्रमों में बच्चों और किशोर-किशोरियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, नशामुक्ति, बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम, भिक्षावृत्ति उन्मूलन तथा बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

महिला एवं बाल विकास विभाग का उद्देश्य इन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित, जागरूक और सशक्त वातावरण तैयार करना है। विभाग का मानना है कि समय पर सही जानकारी मिलने से महिलाएं और बच्चे अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कानूनी और शासकीय सहायता का लाभ उठा सकेंगे। यही अभियान प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।