विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर लक्ष्मी राजवाड़े का जवाब, ई-केवाईसी और भुगतान पर रखे तथ्य

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना को लेकर विपक्ष के सवालों का विस्तृत जवाब दिया। उन्होंने ई-केवाईसी, पात्रता, भुगतान प्रक्रिया और लाभार्थियों से जुड़े अद्यतन आंकड़े सदन के समक्ष प्रस्तुत किए।

Jul 17, 2026 - 18:14
 0  2
विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर लक्ष्मी राजवाड़े का जवाब, ई-केवाईसी और भुगतान पर रखे तथ्य

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को महतारी वंदन योजना को लेकर हुई चर्चा के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न सवालों का सिलसिलेवार और तथ्यात्मक जवाब दिया। उन्होंने ई-केवाईसी, हितग्राहियों की पात्रता, भुगतान प्रक्रिया तथा आंकड़ों में अंतर से जुड़े सभी मुद्दों पर अद्यतन जानकारी सदन के समक्ष रखी और स्पष्ट किया कि राज्य सरकार योजना के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

ई-केवाईसी को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि केवल ई-केवाईसी लंबित होने के कारण किसी भी पात्र महिला को योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। जिन हितग्राहियों की प्रक्रिया निर्धारित समय के बाद पूरी होगी, उन्हें लंबित अवधि की सहायता राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी, जिससे किसी भी पात्र महिला का अधिकार प्रभावित नहीं होगा।

लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि योजना के सुचारु संचालन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाभार्थियों के रिकॉर्ड का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। जुलाई 2026 तक के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार 40,764 अपात्र लाभार्थियों और 1,23,700 मृत हितग्राहियों सहित कुल 1,64,464 नाम भुगतान सूची से हटाए गए हैं। सत्यापन के बाद प्रदेश में वर्तमान में 68,70,471 महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं।

भुगतान संबंधी आंकड़ों में अंतर को लेकर मंत्री ने कहा कि जून 2026 में 68,89,933 महिलाएं भुगतान के लिए पात्र थीं, जबकि 68,54,003 लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि हस्तांतरित की गई। दोनों आंकड़ों के बीच 35,930 का अंतर तकनीकी कारणों से रहा। उन्होंने बताया कि इनमें 29,700 हितग्राहियों की ई-केवाईसी लंबित थी, 2,972 मामलों में राज्य से बाहर स्थित बैंक खातों का परीक्षण किया जा रहा था, 2,939 हितग्राही सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले या संपर्क से बाहर थे, जबकि 319 मामलों में अधिक भुगतान के समायोजन की प्रक्रिया जारी थी।

मंत्री ने यह भी बताया कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। 'नियद नेल्लानार' अभियान के तहत आयोजित विशेष शिविरों के माध्यम से मार्च 2026 तक 7,775 नई पात्र महिलाओं का पंजीयन किया गया है। इससे योजना का दायरा दूरस्थ क्षेत्रों तक और अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ाया गया है।

चर्चा के समापन पर लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक पात्र महिला तक समय पर योजना का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र हितग्राही का अधिकार प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। विभाग लगातार रिकॉर्ड सत्यापन, ई-केवाईसी, भुगतान प्रक्रिया और शिकायतों के निराकरण पर कार्य कर रहा है, ताकि महतारी वंदन योजना का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचता रहे।