पेसा, वनाधिकार और ग्रामसभा की कार्यप्रणाली समझने पहुंचा 12 सदस्यीय अध्ययन दल, रावबेडामारी में हुआ एक्सपोजर विजिट

रावबेडामारी में 12 सदस्यीय अध्ययन दल ने एक्सपोजर विजिट के दौरान ग्रामसभा की कार्यप्रणाली, पेसा कानून, वनाधिकार और सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन की जानकारी ली। दल ने ग्रामसभा के अधिकारों, जिम्मेदारियों, सामूहिक निर्णय प्रक्रिया और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण से जुड़े प्रयासों का अवलोकन किया। इस दौरान दोनों पक्षों ने अनुभवों और सीख को साझा किया।

Sep 15, 2026 - 13:49
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पेसा, वनाधिकार और ग्रामसभा की कार्यप्रणाली समझने पहुंचा 12 सदस्यीय अध्ययन दल, रावबेडामारी में हुआ एक्सपोजर विजिट

UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l रावबेडामारी में पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून और ग्रामसभा की कार्यप्रणाली को समझने के उद्देश्य से 12 सदस्यीय अध्ययन दल ने एक्सपोजर विजिट किया। अध्ययन दल ने ग्राम रावबेडामारी पहुंचकर ग्रामसभा के संचालन, सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन और ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामसभा की संस्थागत व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर लिए जाने वाले सामूहिक निर्णय और ग्रामीणों की सहभागिता को करीब से समझने का अवसर मिला।

एक्सपोजर विजिट का मुख्य उद्देश्य ग्रामसभा के अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझना तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों और अनुभवों का आपसी आदान-प्रदान करना रहा। अध्ययन दल ने रावबेडामारी ग्रामसभा की कार्यप्रणाली को समझने के साथ-साथ ग्रामीणों से बातचीत की और विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी से किए जा रहे कार्यों और उनके अनुभवों पर भी चर्चा हुई।

अध्ययन दल ने पेसा अधिनियम 1996 और छत्तीसगढ़ पेसा नियम 2022 के तहत ग्रामसभा की भूमिका, अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी ली। पेसा व्यवस्था के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी संदर्भ में दल ने यह समझने का प्रयास किया कि ग्रामसभा स्थानीय स्तर पर सामूहिक निर्णय लेने और ग्रामीण हितों से जुड़े विषयों पर किस प्रकार कार्य करती है।

विजिट के दौरान वन अधिकार मान्यता कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन अधिकार यानी CFR से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी समझा गया। अध्ययन दल ने यह जानकारी ली कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मिलने के बाद ग्रामसभा की क्या जिम्मेदारियां होती हैं और ग्रामीण सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन में किस तरह भागीदारी निभाते हैं। इसके साथ ही जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए किए जा रहे स्थानीय प्रयासों का भी अवलोकन किया गया।

दल के सदस्यों ने ग्रामसभा में संधारित विभिन्न रजिस्टरों, दस्तावेजों और अभिलेखों को भी देखा। इन रिकॉर्ड के रखरखाव की प्रक्रिया, ग्रामसभा से संबंधित दस्तावेजों के संधारण और स्थानीय स्तर पर कार्यों के दस्तावेजीकरण के बारे में जानकारी ली गई। इससे अध्ययन दल को ग्रामसभा की संस्थागत कार्यप्रणाली को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

एक्सपोजर विजिट के दौरान रावबेडामारी ग्रामसभा के सदस्यों ने अपने अनुभव भी साझा किए। ग्रामसभा के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों और ग्रामीणों की सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अध्ययन दल के सदस्यों ने ग्रामसभा की कार्यप्रणाली और सामूहिक प्रयासों को उपयोगी बताया तथा यहां से मिली सीख को अपने क्षेत्र में भी उपयोगी बनाने की बात कही।

इस अवसर पर ग्रामसभा की संस्थागत मजबूती, ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता और सामुदायिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी आपसी सीख और अनुभवों का आदान-प्रदान जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इस तरह रावबेडामारी में आयोजित एक्सपोजर विजिट अध्ययन दल के लिए पेसा, वनाधिकार और ग्रामसभा की जमीनी कार्यप्रणाली को समझने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई।