बैठक में पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल, आबकारी विभाग, कृषि विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर नीतू माथुर ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों, छात्रावासों और आंगनवाड़ी केंद्रों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित दवाओं की नियमित जांच की जाए। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ निगरानी को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है और आम नागरिकों के सहयोग से नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे नशे से संबंधित किसी भी जानकारी को पुलिस के साथ साझा करें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
इस बैठक को जिले में नशे के खिलाफ एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयास से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकेगा।