राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्षय पात्र का 5 अरबवां भोजन परोसा, 25 वर्षों की सेवा का ऐतिहासिक पड़ाव

नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्षय पात्र फाउंडेशन का 5 अरबवां भोजन परोसकर 25 वर्षों की सेवा का जश्न मनाया। संस्था देशभर में 23 लाख बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही है।

Mar 18, 2026 - 17:53
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्षय पात्र का 5 अरबवां भोजन परोसा, 25 वर्षों की सेवा का ऐतिहासिक पड़ाव

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,  अक्षय पात्र फाउंडेशन ने मानवता की सेवा के 25 वर्ष पूरे करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में 5 अरबवां भोजन परोसा। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत के लिए सुपोषित और सुशिक्षित भारत” रखा गया, जिसमें बाल पोषण और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में अक्षय पात्र के संस्थापक मधु पंडित दास और चंचलपति दास, नीति विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी और पूर्व लाभार्थी भी शामिल हुए।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि अक्षय पात्र करुणा और सामाजिक नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने पिछले 25 वर्षों से बिना रुके बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया है। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया और कहा कि प्रत्येक भोजन देश की मानव पूंजी में निवेश है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जब तक बच्चे पोषित नहीं होंगे, देश अपनी पूर्ण क्षमता हासिल नहीं कर सकता। उन्होंने अक्षय पात्र को सरकार, समाज और संस्थाओं के सफल सहयोग का उदाहरण बताया।

अक्षय पात्र फाउंडेशन वर्तमान में भारत के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 स्थानों पर अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 23 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस संख्या को बढ़ाकर 30 लाख बच्चों तक पहुंचाना है।

यह फाउंडेशन भारत सरकार की पीएम पोषण योजना का प्रमुख सहयोगी है, जिसके माध्यम से सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन दिया जाता है।

अक्षय पात्र की शुरुआत वर्ष 2000 में इस उद्देश्य से हुई थी कि कोई भी बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। पिछले वर्षों में संस्था ने 1 अरब से लेकर 5 अरब भोजन तक का सफर तय किया है, जिसमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मील के पत्थर शामिल हैं।

संस्था के पदाधिकारियों ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा कि वे भविष्य में भी बच्चों के पोषण और शिक्षा के लिए कार्य करते रहेंगे।

अक्षय पात्र आज न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रेरणादायक सामाजिक आंदोलन बन चुका है, जो “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।