आंदोलन का नेतृत्व विधायक हर्षिता बघेल और पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल ने किया। प्रदर्शन की शुरुआत ग्राम खपरी सिरदार से हुई, जहां से लगभग 40 ट्रैक्टरों का काफिला रवाना हुआ। यह रैली भंडारपुर होते हुए ढारा स्थित नितिन चौक पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते यात्री बसों, ट्रकों और अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की सड़कें लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं, किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है और लगातार अघोषित बिजली कटौती से आम लोग परेशान हैं। उनका कहना था कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
कांग्रेस ने अपनी प्रमुख मांगों में खपरी सिरदार से ढारा के नितिन चौक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्तावित लगभग 12 किलोमीटर सड़क का शीघ्र निर्माण कराने, अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने, बढ़े हुए बिजली बिलों से उपभोक्ताओं को राहत देने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोकने तथा किसानों को उचित मूल्य पर समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी।
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही खैरागढ़ और डोंगरगढ़ से प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों का ज्ञापन स्वीकार किया। प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया कि डोंगरगढ़-खैरागढ़ सड़क के मरम्मत कार्य की शुरुआत दो दिन के भीतर कराई जाएगी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने चक्काजाम समाप्त करने की घोषणा की और यातायात बहाल कराया।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि तय समय में मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सड़क मरम्मत सहित अन्य मांगों पर भी संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्तर पर इस प्रदर्शन को जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।