भिलाई इस्पात संयंत्र लोहा चोरी मामला: रसूखदार कारोबारी भास्कर मुदलियार गिरफ्तार, अब तक मास्टरमाइंड समेत 17 आरोपी जेल पहुंचे

भिलाई इस्पात संयंत्र में लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार किया है। जांच में उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक मास्टरमाइंड, जीएम, इंजीनियर और अन्य सहयोगियों सहित कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

Aug 2, 2026 - 12:10
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भिलाई इस्पात संयंत्र लोहा चोरी मामला: रसूखदार कारोबारी भास्कर मुदलियार गिरफ्तार, अब तक मास्टरमाइंड समेत 17 आरोपी जेल पहुंचे

UNITED NEWS OF ASIA. भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए कारोबारी भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।

भिलाई इस्पात संयंत्र में लंबे समय से संगठित तरीके से लोहा चोरी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने व्यापक जांच शुरू की, जिसमें चोरी के पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुलती गईं। शुरुआती जांच में संयंत्र के भीतर और बाहर सक्रिय लोगों की भूमिका सामने आई, जिसके बाद लगातार गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह तथ्य सामने आया कि वैशाली नगर निवासी कारोबारी भास्कर मुदलियार की कई गाड़ियां लंबे समय से भिलाई इस्पात संयंत्र परिसर के भीतर संचालित हो रही थीं। जांच एजेंसियों ने वाहन संचालन, दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया, जिसके बाद उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ की गई और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि लोहा चोरी का यह मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें विभिन्न स्तरों पर कई लोगों की भूमिका सामने आई है। इसी कारण जांच को कई अलग-अलग पहलुओं से आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी किए गए लोहे की आपूर्ति किन-किन माध्यमों से की जाती थी, इसमें किन लोगों की जिम्मेदारियां तय थीं और आर्थिक लाभ किसे-किसे मिला।

इस मामले में अब तक कथित मास्टरमाइंड, जीएम, इंजीनियर, एसोसिएट और अन्य सहयोगियों सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच आपसी संपर्क, वित्तीय लेन-देन और वाहन संचालन से जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन जांच कर रही हैं।

भिलाई इस्पात संयंत्र देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्रों में से एक है। ऐसे में संयंत्र से लोहा चोरी की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े करती हैं। पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही हैं, ताकि चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर की गई है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि चोरी की सामग्री को किन स्थानों पर भेजा गया और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन का स्वरूप क्या था।

भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी को इस पूरे प्रकरण में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के आधार पर चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी निष्पक्षता तथा पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूरे मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक और अब तक एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और आगे की विवेचना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।