World Patient Safety Day 2026: दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा पर जोर

World Patient Safety Day 2026 के अवसर पर असंक्रामक रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए सुरक्षित और निरंतर स्वास्थ्य सेवा पर जोर दिया गया है। WHO ने इस वर्ष की थीम “Safe care for noncommunicable diseases” और स्लोगन “Safe care for life!” रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, कैंसर और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों में नियमित जांच, दवा सुरक्षा, सेल्फ-केयर, फॉलो-अप, रीहैबिलिटेशन और परिवार की भागीदारी मरीजों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Sep 16, 2026 - 16:21
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World Patient Safety Day 2026: दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l हर साल 17 सितंबर को World Patient Safety Day मनाया जाता है। वर्ष 2026 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस दिवस की थीम “Safe care for noncommunicable diseases” रखी है, जिसका स्लोगन “Safe care for life!” है। इस वर्ष का फोकस डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, कैंसर और क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज जैसी असंक्रामक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर है। WHO के अनुसार इन बीमारियों में मरीजों को लंबे समय तक और कई स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहना पड़ता है, इसलिए देखभाल की अलग-अलग प्रक्रियाओं में सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं।

नारायणा हेल्थ एमएमआई अस्पताल, रायपुर के सीनियर कंसल्टेंट एवं क्लिनिकल लीड, इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन डॉ. प्रदीप शर्मा के अनुसार सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल में मिलने वाले उपचार तक सीमित नहीं होनी चाहिए। दीर्घकालिक बीमारियों में मरीजों को वर्षों तक जांच, दवाइयों, चिकित्सकीय परामर्श, जीवनशैली में बदलाव और नियमित फॉलो-अप की जरूरत हो सकती है। इस लंबे उपचार चक्र में देरी से निदान, दवाओं में गलती, उपचार में अनियमितता या फॉलो-अप छूटने जैसी परिस्थितियां मरीज की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।

रोगी सुरक्षा की शुरुआत बचाव और स्वस्थ जीवनशैली से भी होती है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, तंबाकू से दूरी और शराब के अत्यधिक सेवन से बचाव कई असंक्रामक रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी NCD देखभाल में रोकथाम, शुरुआती पहचान और सुरक्षित उपचार को महत्वपूर्ण मानता है।

दीर्घकालिक बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए सेल्फ-केयर भी महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका अर्थ डॉक्टर की सलाह के बिना खुद उपचार करना नहीं है। डायबिटीज में ब्लड ग्लूकोज़ की निगरानी, निर्धारित दवाओं का समय पर सेवन और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आहार पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए नियमित जांच, निर्धारित दवाओं का सेवन और फॉलो-अप जरूरी हैं। नए या बढ़ते लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना रोगी सुरक्षा का अहम हिस्सा है।

दवा सुरक्षा भी इस अभियान का महत्वपूर्ण पहलू है। लंबे समय से बीमार मरीजों, खासकर बुजुर्गों, को कई बार अलग-अलग विशेषज्ञों की दवाइयां एक साथ लेनी पड़ती हैं। इससे दवाओं की पुनरावृत्ति या आपसी प्रतिक्रिया का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए मरीज और परिवार को सभी दवाओं की अद्यतन सूची रखनी चाहिए और डॉक्टरों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा बंद करने, उसकी मात्रा बदलने या नई दवा शुरू करने से बचना चाहिए।

नियमित जांच से कई बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में हो सकती है। ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्लूकोज़, वजन और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए अन्य स्वास्थ्य मानकों की निगरानी जोखिम वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। WHO ने भी सुरक्षित NCD देखभाल में रोकथाम, शुरुआती पहचान, सटीक निदान, दवा सुरक्षा और उपचार की निरंतरता को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

रोगी सुरक्षा में परिवार और देखभाल करने वालों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बुजुर्ग या गंभीर दीर्घकालिक बीमारी से जूझ रहे मरीज कई बार दवाओं, पोषण, स्वच्छता और दैनिक गतिविधियों के लिए परिवार पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में देखभाल करने वालों को दवाओं के समय, फॉलो-अप, चेतावनी वाले लक्षणों और आपातकालीन स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी होना जरूरी है।

रीहैबिलिटेशन और पैलिएटिव केयर भी सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा हैं। स्ट्रोक, हृदय संबंधी घटनाओं, बड़ी सर्जरी या गंभीर बीमारी के बाद फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और अन्य पुनर्वास सेवाएं मरीज की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकती हैं। गंभीर दीर्घकालिक बीमारी में पैलिएटिव केयर भी लक्षणों को नियंत्रित करने और मरीज व परिवार की जीवन गुणवत्ता बेहतर करने में भूमिका निभा सकती है। WHO ने 2026 अभियान में रोकथाम से लेकर निदान, उपचार, सेल्फ-केयर, रीहैबिलिटेशन और पैलिएटिव केयर तक पूरे देखभाल क्रम में सुरक्षा पर जोर दिया है।

World Patient Safety Day 2026 का संदेश यही है कि सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा मरीज, परिवार, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य संस्थानों की साझा जिम्मेदारी है। मरीजों को अपनी बीमारी, दवाओं और जांच के बारे में सवाल पूछने तथा अपनी देखभाल में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। WHO के अनुसार NCD से जूझ रहे लोगों को केवल उपचार पाने वाले मरीज के रूप में नहीं, बल्कि सुरक्षित देखभाल के साझेदार के रूप में शामिल करना जरूरी है।