बरतुंगा जंगल से 34 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, मुख्य विक्रेता समेत चार आरोपी गिरफ्तार
चिरमिरी पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बरतुंगा जंगल से 34 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित महुआ शराब जब्त की है। इस मामले में मुख्य विक्रेता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l कोरिया जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बरतुंगा जंगल में कार्रवाई करते हुए 34 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची महुआ शराब जब्त की है। इस मामले में मुख्य विक्रेता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा तथा नगर पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुजूर के मार्गदर्शन में की गई। 4 अगस्त 2026 को थाना चिरमिरी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बरतुंगा निवासी कुछ लोग जंगल के रास्ते हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची महुआ शराब मोहारी क्षेत्र में बिक्री के लिए लेकर जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बरतुंगा फटरी नाला के पास घेराबंदी की। कुछ समय बाद तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 34 पाउच कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। प्रत्येक पाउच में एक लीटर शराब भरी थी। जब्त शराब की कुल मात्रा 34 लीटर और अनुमानित कीमत लगभग 6,800 रुपये आंकी गई।
पुलिस ने मौके से ननका राम कसेर, हीरा साय और हीरालाल को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ और मेमोरेंडम के दौरान आरोपियों ने बताया कि बरामद शराब मोहारी निवासी तेजराम यादव उर्फ पिंटू के लिए बिक्री हेतु ले जाई जा रही थी। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य विक्रेता तेजराम यादव उर्फ पिंटू को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज किया। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त थे। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112(1) भी मामले में जोड़ी गई। जांच के बाद सभी आरोपियों को 5 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह, प्रधान आरक्षक भगत सिंह, आरक्षक सुरेश तिग्गा और आरक्षक मदन राजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण, परिवहन या बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि इस प्रकार के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।