खैरागढ़ में पत्रकार से अभद्रता और धमकी का मामला, पुलिस जांच जारी

खैरागढ़ न्यायालय परिसर में एक पत्रकार के साथ कथित जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस जांच जारी है। दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले से जुड़े आरोपों और दावों की पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच की जा रही है।

Jul 14, 2026 - 11:06
 0  2
खैरागढ़ में पत्रकार से अभद्रता और धमकी का मामला, पुलिस जांच जारी

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l खैरागढ़ न्यायालय परिसर में एक पत्रकार के साथ कथित जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस जांच जारी है। घटना 3 जुलाई की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े एक पत्रकार और जिला पत्रकार संघ के सदस्य के साथ न्यायालय परिसर में कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें धमकी दी गई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में दोनों पक्षों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है और पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद आरोपियों के फरार होने की चर्चा भी सामने आई है। वहीं स्थानीय स्तर पर आरोपियों को लेकर विभिन्न प्रकार के दावे और आरोप लगाए जा रहे हैं। इनमें पूर्व में संपत्ति संबंधी विवाद, शासकीय कार्यालयों में कथित विवाद तथा अन्य गतिविधियों से जुड़े आरोप शामिल हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सत्यता की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।

प्रकरण में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि कुछ लोग सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास करते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की पोस्ट और दावे भी सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन पोस्टों के माध्यम से जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कुछ स्रोतों के हवाले से संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध अन्य राज्यों में भी प्रकरण दर्ज होने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इस संबंध में किसी सक्षम प्राधिकारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य आवश्यक पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। इसलिए किसी भी पक्ष के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मामले से संबंधित अपुष्ट या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें और आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।