2021 से अब तक पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर ₹74.5 करोड़ खर्च, संसद में सरकार ने दी जानकारी

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि वर्ष 2021 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर लगभग 74.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने बताया कि ये यात्राएं भारत के वैश्विक संबंधों को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग स्थापित करने के उद्देश्य से की गईं। सरकार ने यह भी बताया कि अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत को 381.8 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ।

Aug 6, 2026 - 18:10
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2021 से अब तक पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर ₹74.5 करोड़ खर्च, संसद में सरकार ने दी जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर हुए सरकारी खर्च को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है। विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विभिन्न विदेश यात्राओं पर कुल लगभग 74.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार का कहना है कि ये यात्राएं केवल औपचारिक दौरे नहीं थीं, बल्कि भारत के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा रही हैं।

यह जानकारी आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद डॉ. वी. शिवदासन द्वारा राज्यसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 2172 के लिखित उत्तर में दी गई। सांसदों ने वर्ष 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की संख्या, उन पर हुए खर्च, हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (MoUs) तथा इन यात्राओं के बाद भारत में आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से संबंधित जानकारी मांगी थी।

विदेश मंत्रालय ने अपने उत्तर में कहा कि प्रधानमंत्री की सभी विदेश यात्राओं का विस्तृत विवरण संसद के समक्ष उपलब्ध कराया गया है। मंत्रालय के अनुसार इन यात्राओं के दौरान अनेक देशों के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, नवाचार, डिजिटल सहयोग और निवेश जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते किए गए, जिससे भारत की वैश्विक भूमिका और मजबूत हुई है।

सरकार ने जवाब में पूर्व वर्षों की कुछ प्रमुख विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का भी उल्लेख किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2011 में अमेरिका यात्रा पर लगभग 10.74 करोड़ रुपये, वर्ष 2013 में रूस यात्रा पर 9.95 करोड़ रुपये, वर्ष 2011 में फ्रांस यात्रा पर 8.33 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2013 में जर्मनी यात्रा पर 6.02 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। सरकार ने स्पष्ट किया कि ये संबंधित यात्राओं के दौरान दर्ज वास्तविक व्यय के आंकड़े हैं।

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के माध्यम से विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिली है। कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है और निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। मंत्रालय के अनुसार उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सीधा सकारात्मक प्रभाव भारत की आर्थिक संभावनाओं पर भी पड़ा है।

सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत में 381.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ। सरकार का मानना है कि वैश्विक मंचों पर सक्रिय भागीदारी, निवेशकों के साथ संवाद और विभिन्न देशों के साथ हुए समझौते इस निवेश वृद्धि के महत्वपूर्ण कारणों में शामिल हैं।

राज्यसभा में प्रस्तुत यह जानकारी प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर हुए व्यय और उनसे जुड़े आर्थिक एवं कूटनीतिक परिणामों को लेकर सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने रखती है। सरकार का कहना है कि विदेश यात्राएं भारत के दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों, वैश्विक साझेदारी और निवेश बढ़ाने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।