स्मार्ट मीटर, बढ़े बिजली बिल और टैरिफ वृद्धि को लेकर आप का सरकार पर हमला, निजीकरण की तैयारी पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने बढ़ते बिजली बिल, बिजली दरों में 6.23 प्रतिशत वृद्धि और बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की संभावित भूमिका को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर से बढ़े बिलों की स्वतंत्र जांच, टैरिफ पर पुनर्विचार और निजी कंपनियों को वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने प्रदेश में बिजली बिलों में बढ़ोतरी, बिजली की दरों में वृद्धि और बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की संभावित बढ़ती भूमिका को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता पहले ही महंगे बिजली बिलों से परेशान है और अब बिजली वितरण के क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश की प्रक्रिया से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका बढ़ रही है। जायसवाल ने सरकार से बिजली व्यवस्था से जुड़े फैसलों में उपभोक्ता हितों और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने की मांग की है।
उत्तम जायसवाल ने दावा किया कि प्रदेश में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं की ओर से बिजली बिल अचानक बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग का उद्देश्य बेहतर निगरानी, पारदर्शिता और सही बिलिंग व्यवस्था स्थापित करना बताया गया था, लेकिन यदि उपभोक्ताओं के बिल पहले की तुलना में कई गुना बढ़ने की शिकायतें सामने आती हैं तो सरकार को इसकी स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। उन्होंने स्मार्ट मीटर से संबंधित बिलिंग व्यवस्था का ऑडिट कराने की मांग भी उठाई है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
आप नेता ने बिजली दरों में 1 जुलाई से औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच बिजली की दरों में बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित कर सकती है। उनके अनुसार, जब लोग बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में सरकार की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को राहत देने की होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पहले सरकारी बिजली व्यवस्था में बदलाव कर रही है और इसके बाद वितरण क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश का रास्ता तैयार होता दिखाई दे रहा है।
उत्तम जायसवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग यानी CSERC में टाटा पावर द्वारा रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर तहसीलों के लिए वितरण लाइसेंस के आवेदन का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की संभावित भूमिका से जोड़ते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निजी कंपनियों को बिजली वितरण का अधिकार मिलता है तो उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार की ओर से कौन-कौन से प्रभावी प्रावधान सुनिश्चित किए जाएंगे।
आप के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र की RDSS योजना में स्मार्ट मीटरिंग को वितरण व्यवस्था में सुधार से जोड़ते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान और बिलिंग की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था है। उन्होंने बिजली वितरण में निजी भागीदारी को लेकर भी जनता के सामने पूरी जानकारी रखने की मांग की है।
जायसवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की मांग है कि सरकार बढ़े हुए बिजली टैरिफ पर पुनर्विचार करे और स्मार्ट मीटर से जुड़े बढ़े हुए बिजली बिलों की स्वतंत्र जांच कराए। साथ ही निजी कंपनियों को बिजली वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बिजली व्यवस्था में होने वाले बदलावों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि बिजली आम नागरिकों की बुनियादी जरूरत है और इससे जुड़े नीतिगत फैसलों में जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।