वर्षा ऋतु में सर्पदंश से रहें सतर्क, झाड़-फूंक नहीं तत्काल अस्पताल पहुंचें: स्वास्थ्य विभाग

वर्षा ऋतु में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग बेमेतरा ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि झाड़-फूंक के बजाय वैज्ञानिक उपचार और एंटी स्नेक वेनम से समय पर इलाज कराने पर अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

Jul 4, 2026 - 11:38
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वर्षा ऋतु में सर्पदंश से रहें सतर्क, झाड़-फूंक नहीं तत्काल अस्पताल पहुंचें: स्वास्थ्य विभाग

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बेमेतरा ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और किसी भी सर्पदंश की घटना में बिना समय गंवाए निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपातकाल है और समय पर वैज्ञानिक उपचार मिलने पर अधिकांश मरीजों का जीवन सुरक्षित बचाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी), प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। गंभीर मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो।

विभाग ने बताया कि वर्षा के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाने के कारण वे सुरक्षित स्थान की तलाश में खेतों, घरों, गोठानों और बस्तियों की ओर निकल आते हैं। इसी समय धान रोपाई और अन्य कृषि कार्य भी शुरू हो जाते हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों का सांपों से संपर्क बढ़ जाता है। रात के समय बिना टॉर्च के चलना तथा चूहों की बढ़ती संख्या भी सर्पदंश की घटनाओं का प्रमुख कारण बनती है।

सर्पदंश से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, झाड़ियां और घास हटाएं तथा लकड़ी, ईंट और भूसे के ढेर घर से दूर रखें। खेतों में काम करते समय गमबूट, मोटे कपड़े और दस्तानों का उपयोग करें। घास या लकड़ी उठाने से पहले डंडे से जांच करें और झाड़ियों में बिना देखे हाथ न डालें। रात के समय हमेशा टॉर्च लेकर निकलें, नंगे पैर चलने से बचें और बच्चों को अंधेरे में अकेले बाहर न भेजें।

यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय उसे शांत रखें और चलने-फिरने से रोकें। काटे गए अंग को हृदय के स्तर से नीचे और स्थिर रखें तथा तुरंत 108 एम्बुलेंस या अन्य वाहन से निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचाएं। यदि संभव हो तो सांप का रंग और आकार याद रखें, लेकिन उसे पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को झाड़-फूंक और अंधविश्वास से दूर रहने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि काटे हुए स्थान को ब्लेड से काटना, जहर चूसने का प्रयास करना, रस्सी कसकर बांधना या मिट्टी, हल्दी, गोबर, तेल अथवा अन्य पदार्थ लगाना नुकसानदायक हो सकता है। शराब या किसी भी प्रकार का नशा देना भी खतरनाक है।

स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, मितानिन, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों से भी सर्पदंश के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने की अपील की है। विभाग का संदेश स्पष्ट है कि अंधविश्वास नहीं, बल्कि समय पर अस्पताल में वैज्ञानिक उपचार ही सर्पदंश से जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।