कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर, 100 छात्राओं की जांच और सैनिटरी पैड वितरण

बेमेतरा के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया। शिविर में 100 छात्राओं की हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप और सिकल सेल जांच की गई। सामान्य बीमारियों से पीड़ित छात्राओं को दवाइयां दी गईं तथा किशोरियों को निःशुल्क सैनिटरी पैड वितरित कर माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

Jul 4, 2026 - 11:42
 0  8
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर, 100 छात्राओं की जांच और सैनिटरी पैड वितरण

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के शासकीय कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत चिरायु टीम 'सी' खंडसरा द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्राओं के स्वास्थ्य की समय पर जांच कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना तथा किशोरियों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर के निर्देश और बीएमओ खंडसरा डॉ. शरद कोहाड़े के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में विद्यालय में निवासरत सभी 100 बालिकाओं का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य टीम ने प्रत्येक छात्रा की हीमोग्लोबिन जांच, ब्लड ग्रुप परीक्षण और सिकल सेल की जांच की। इन परीक्षणों का उद्देश्य एनीमिया, रक्त संबंधी समस्याओं और सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करना था।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जिन छात्राओं में सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पाई गईं, उन्हें मौके पर ही आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। चिकित्सकों ने छात्राओं को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी।

शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय में अध्ययनरत सभी किशोरी बालिकाओं को निःशुल्क सैनिटरी पैड वितरित किए। इसके साथ ही माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, व्यक्तिगत साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। टीम ने छात्राओं को बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है और इससे कई प्रकार की बीमारियों से बचाव संभव है।

कार्यक्रम में चिरायु टीम के डॉ. दिलीप चंद्रवंशी, डॉ. प्रीति ठाकुर, फार्मासिस्ट बलवंत बंजारे और लैब टेक्नीशियन मनीष साहू ने स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श की जिम्मेदारी निभाई। विद्यालय की अधीक्षिका भारती घृतलहरे सहित विद्यालय के अन्य कर्मचारियों ने भी शिविर के सफल संचालन में सहयोग किया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों में विभिन्न बीमारियों, जन्मजात विकृतियों, पोषण संबंधी समस्याओं और विकास संबंधी कमियों की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से गंभीर मामलों में बच्चों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की भी व्यवस्था की जाती है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ऐसे नियमित स्वास्थ्य शिविरों से बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य की निगरानी बेहतर तरीके से हो रही है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ने से छात्राएं स्वयं भी अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग हो रही हैं। विभाग ने भविष्य में भी जिले के स्कूलों और आवासीय संस्थानों में इसी प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की बात कही है।