जन्माष्टमी पर अचलेश्वर महादेव मंदिर में पहली बार होगा गरबा-डांडिया और मटकी फोड़ प्रतियोगिता
ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव को विशेष रूप से भव्य स्वरूप दिया जाएगा। जन्माष्टमी के अवसर पर पहली बार गरबा-डांडिया और मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके साथ 56 भोग, फूल बंगला, भजन संध्या, दही हांडी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मध्यरात्रि में विशेष पूजन एवं महाभिषेक आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. आलोक सक्सेना, ग्वालियर l ग्वालियर में श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव को विशेष और भव्य स्वरूप में मनाने की तैयारियां की जा रही हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदिर परिसर में कृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा, लेकिन इस बार कार्यक्रम में कई नए आकर्षण जोड़े गए हैं। अचलेश्वर युवा मंडल और कावेरी वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पहली बार गरबा-डांडिया और मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और शहरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आयोजन को लेकर अचलेश्वर युवा मंडल के रवि चौबे और कावेरी वेलफेयर सोसाइटी की कंचन राव ने पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में 56 भोग और फूल बंगला सजाया जाएगा। इसके साथ भजन संध्या, दही हांडी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इस वर्ष आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण अचलनाथ भगवान का कृष्ण के बाल स्वरूप में दर्शन होगा। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया जाएगा और अचलेश्वर महादेव मंदिर से सनातन मंदिर रोड तक विशेष रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।
जन्माष्टमी की मध्यरात्रि का आयोजन विशेष धार्मिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा। रात ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष पूजन और महाभिषेक संपन्न होगा। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच कृष्ण जन्म की खुशी मनाई जाएगी। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
जन्माष्टमी की शाम आरती के बाद दर्शनार्थियों के लिए छप्पन भोग महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की जाएगी। श्रद्धालु भगवान के दर्शन के साथ प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। आयोजकों के अनुसार धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी कार्यक्रम में प्रमुख स्थान दिया गया है।
कावेरी वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में मुरार स्थित निक्की पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा भव्य दही हांडी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों की ओर से मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। पहली बार गरबा-डांडिया और मटकी फोड़ प्रतियोगिता को शामिल किए जाने से इस बार जन्माष्टमी समारोह में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक उत्सव का रंग भी देखने को मिलेगा।
आयोजकों ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लेने की अपील की है। मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, दही हांडी और नए गरबा-डांडिया कार्यक्रम को लेकर आयोजन समिति तैयारियों में जुटी है। माना जा रहा है कि इस वर्ष अचलेश्वर महादेव मंदिर का जन्माष्टमी समारोह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।