अक्टूबर में हर निर्माण स्थल पर दिखेगा काम, बरसात के बाद युद्धस्तर पर निर्माण शुरू करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने पुल-पुलियों और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए बरसात समाप्त होते ही निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अक्टूबर में सभी निर्माण स्थलों पर काम दिखाई देने, नए कार्यों की निविदा प्रक्रिया नवंबर तक पूरी करने और जनवरी तक कार्य शुरू कराने को कहा। अधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

Sep 3, 2026 - 13:14
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अक्टूबर में हर निर्माण स्थल पर दिखेगा काम, बरसात के बाद युद्धस्तर पर निर्माण शुरू करने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बरसात समाप्त होते ही प्रदेश में निर्माणाधीन पुल-पुलियों और राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। नवा रायपुर स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अक्टूबर महीने में सभी निर्माण स्थलों पर कार्य होते हुए दिखाई देना चाहिए। इसके लिए निर्माणाधीन कार्यों का एक सप्ताह के भीतर ठेकेदारों के साथ स्थल निरीक्षण कर आवश्यक तैयारियां पूरी करने और बारिश खत्म होते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन 20 सितंबर तक जमा करने को कहा गया। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त पुलों की आवश्यक मरम्मत के साथ उनकी रेलिंग और दीवारों की पेंटिंग का काम 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। विभागीय सचिव ने सेतु परिक्षेत्र के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंताओं को अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर पुल-पुलियों की वास्तविक जरूरत का आकलन करने और लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप नए निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

उन्होंने पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि जहां नए पुल की आवश्यकता हो वहां समय पर प्रस्ताव तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा को लेकर भी उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए। कार्यपालन अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को सप्ताह में दो दिन अनिवार्य रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने के लिए कहा गया। उन्होंने लापरवाही बरतने या निर्माण कार्य की गति धीमी रखने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुकेश कुमार बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को बिना अनुमति कार्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद रहकर निर्माण स्थलों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से समाधान सुनिश्चित करें। नए कार्यों को लेकर उन्होंने नवंबर तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने और जनवरी तक सभी स्वीकृत कार्यों को हर हाल में शुरू करने का लक्ष्य दिया। ठेकेदारों को समय पर ले-आउट, ड्राइंग-डिजाइन और कार्यस्थल उपलब्ध कराने के साथ निर्माण से जुड़ी बाधाओं का शीघ्र निराकरण करने को कहा गया।

सचिव ने ठेकेदारों को हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद तीन महीने के भीतर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और भुगतान पूरा कर अनुबंध क्लोज किया जाए। इसके अलावा भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर प्रदेश के सभी पुल-पुलियों से संबंधित जानकारी 10 सितंबर तक अपलोड करने को कहा गया। निर्धारित समयसीमा में जानकारी अपलोड नहीं करने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सीपीग्राम्स और सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के साथ न्यायालयीन मामलों, अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन संबंधी प्रकरणों की हर महीने समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की प्रगति, निविदा, अनुबंध और कार्यादेश की स्थिति की समीक्षा की गई। सचिव ने एनएचएआई और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने को कहा।

रायपुर में एमएमआई चौक से शदाणी दरबार खंड, बेमेतरा बायपास, कोंडागांव से नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और रतनपुर से पेंड्रा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों को अगले साल मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप सहित विभागीय और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे।