कोरबा में नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप: भाजपा नेता पर 50 हजार रुपए हड़पने का मामला

कोरबा में एक भाजपा नेता पर नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये ठगने का आरोप लगा है। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

Apr 23, 2026 - 12:30
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कोरबा में नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप: भाजपा नेता पर 50 हजार रुपए हड़पने का मामला

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता l कोरबा जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इस मामले में एक भाजपा नेता पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने काम और नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 50 हजार रुपये ले लिए, लेकिन बाद में न तो कोई काम दिलाया और न ही पैसे वापस किए।

मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला कोयलांचल क्षेत्र दीपका से जुड़ा हुआ है। आरोपी के रूप में दीपका निवासी भाजपा नेता दीपक जायसवाल का नाम सामने आया है। आरोप उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम पहन्दा सराईडीह निवासी अजय कुमार कंवर ने लगाया है, जिन्होंने इस संबंध में दीपका थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़ित अजय कुमार कंवर ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने उसे नौकरी दिलाने और काम उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे में आकर उसने आरोपी को 50 हजार रुपये दे दिए। हालांकि, पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो कोई नौकरी दिलाई और न ही किसी प्रकार का काम उपलब्ध कराया।

पीड़ित का कहना है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी उसे लगातार टालता रहा। कभी “आज” तो कभी “कल” कहकर उसे बहलाया जाता रहा। लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि आरोपी पैसे लौटाने के बजाय गाली-गलौज और धमकी देने लगा है। पीड़ित के अनुसार, आरोपी खुलेआम कह रहा है कि “जो करना है कर लो”, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि नौकरी के नाम पर ठगी के मामलों में लोग किस तरह ठगों के जाल में फंस जाते हैं। खासकर जब आरोपी कोई परिचित या प्रभावशाली व्यक्ति हो, तो लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी या काम के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहना चाहिए और किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन जरूरी है।

कुल मिलाकर, कोरबा का यह मामला न केवल एक व्यक्ति के साथ हुई धोखाधड़ी का उदाहरण है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि ऐसे मामलों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।