तेंदुआ मृत्यु प्रकरण में वन विभाग की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई, दोषियों पर कड़ी नजर
कवर्धा वनमंडल के सहसपुर लोहारा क्षेत्र में तेंदुए की मृत्यु के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वन अपराध दर्ज किया है। डॉग स्क्वॉड की मदद से जी.आई. तार की जप्ती की गई है, अधिकारियों को निलंबित किया गया है और दोषियों की पहचान हेतु पुलिस के साथ समन्वय कर जांच तेज कर दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र सहसपुर लोहारा के वृत्त सोनझरी परिसर के कक्ष क्रमांक पी.एफ. 292 में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाए जाने के प्रकरण में वन विभाग ने त्वरित, सख्त एवं पारदर्शी कार्रवाई की है। सूचना प्राप्त होते ही विभागीय अमला तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और पंचनामा, जप्ती सहित सभी आवश्यक विधिसम्मत कार्यवाहियाँ पूर्ण की गईं। वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस गंभीर घटना के संबंध में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की सुसंगत धाराओं तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21608/02 दिनांक 14.12.2025 पंजीबद्ध किया गया है।
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल डॉग स्क्वॉड टीम को मौके पर बुलाया गया। प्रशिक्षित श्वान की सटीक निशानदेही पर घटनास्थल से लगभग 400 से 500 मीटर की दूरी पर स्थित दो मकानों से कुल 21.300 किलोग्राम जी.आई. तार जप्त किया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह तार वन्यजीव शिकार हेतु बिछाया गया था। इसके साथ ही मृत तेंदुए के सिर का सड़ा हुआ भाग, रीढ़ की हड्डी, पैर एवं पूंछ को जप्त कर वैज्ञानिक परीक्षण एवं फॉरेंसिक जांच हेतु सुरक्षित किया गया है।
प्रकरण की निष्पक्षता और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा आसपास के ग्रामीणों एवं अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से सघन पूछताछ की जा रही है। जांच को और अधिक मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित किया गया है। आरोपियों की शीघ्र पहचान एवं गिरफ्तारी के उद्देश्य से टावर डंप डाटा प्राप्त करने हेतु पुलिस अधीक्षक, जिला कबीरधाम को पत्र प्रेषित किया गया है।
मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। परिसर रक्षक मोतिमपुर श्री शिव साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, वहीं परिक्षेत्र सहायक श्री अमित कुमार ध्रुव को मुख्य वन संरक्षक (क्षेत्रीय), दुर्ग वृत्त, दुर्ग द्वारा निलंबित किया गया है। यह कदम विभाग की पारदर्शिता और अनुशासन को दर्शाता है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता अटूट है। ऐसे अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सघन गश्त, सतत निगरानी और मजबूत सूचना तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।