एनएचएआई रायपुर में सतर्कता जागरूकता कार्यशाला, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली पर जोर

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” थीम पर हुई कार्यशाला में आचरण नियमों, सतर्कता प्रक्रियाओं और सीटीई निरीक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी मानकों के पालन पर जोर दिया गया।

Sep 3, 2026 - 13:05
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एनएचएआई रायपुर में सतर्कता जागरूकता कार्यशाला, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” थीम पर आयोजित इस कार्यशाला में आचरण नियमों, सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं और मुख्य तकनीकी परीक्षक यानी सीटीई निरीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों, इंजीनियरों और परियोजनाओं से जुड़े अन्य पक्षों को पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष नाथ ने कहा कि सतर्कता केवल नियमों का पालन करने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह कार्यप्रणाली में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थागत कार्यों में स्पष्ट प्रक्रियाओं और जिम्मेदार व्यवहार से कार्यों की गुणवत्ता तथा जनता के प्रति जवाबदेही को मजबूत किया जा सकता है।

मेट्स यूनिवर्सिटी रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. के.पी. यादव ने अपने व्याख्यान में कार्यस्थल पर नैतिकता, ईमानदारी और जिम्मेदार आचरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की दीर्घकालिक सफलता के लिए व्यावसायिक दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों का पालन भी जरूरी है। उनके अनुसार कार्यस्थल पर लिए जाने वाले निर्णयों में नैतिकता और जिम्मेदारी का समावेश संस्थान की विश्वसनीयता को मजबूत करता है।

सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त अतिरिक्त महानिदेशक श्याम सुंदर पोरवाल ने अनुशासन, ईमानदारी और जवाबदेही को प्रभावी कार्यप्रणाली का आधार बताया। उन्होंने निर्माण और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बड़े सार्वजनिक निर्माण कार्यों में प्रत्येक स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी और नियमों के अनुरूप निर्णय आवश्यक है।

एनएचएआई रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार ने सड़क एवं राजमार्ग निर्माण जैसी बड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर, कन्सेशनायर, अथॉरिटी इंजीनियर्स और कांट्रेक्टर सहित सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट जवाबदेही जरूरी है। निर्धारित प्रक्रियाओं, तकनीकी मानकों और नियमों का पालन प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सतर्कता जागरूकता से संबंधित पक्षों में अपने दायित्वों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ती है और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली को प्रोत्साहन मिलता है।

कार्यशाला में एनएचएआई मुख्यालय के सतर्कता विभाग की ओर से सतर्कता मामलों की प्रक्रियाओं, शिकायतों के प्रभावी निपटारे और मुख्य तकनीकी परीक्षक के निरीक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों और इंजीनियरों को सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों के व्यावहारिक अनुपालन तथा आवश्यक सावधानियों से भी अवगत कराया गया।

कार्यशाला में जीएम विजिलेंस धर्मेंद्र कुमार राघव, आईसीएआर के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. अनिल दीक्षित, सीबीआई के डीएसपी डॉ. अर्जुन कदम और बीएसएफ के डीआईजी संजय गौर सहित क्षेत्रीय कार्यालय एवं सभी पीआईयू के अधिकारी-कर्मचारी, अथॉरिटी इंजीनियर्स, टीम लीडर्स, विशेषज्ञ और संबंधित कांट्रेक्टर प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यशाला के माध्यम से सार्वजनिक अधोसंरचना परियोजनाओं में ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।