DMF निधि के प्रभावी उपयोग हेतु विलेज एक्शन प्लान बनाने के निर्देश, मुख्य सचिव ने की समीक्षा
मुख्य सचिव ने प्रभावित ग्रामों के विकास के लिए विलेज एक्शन प्लान तैयार कर DMF निधि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्चुअल बैठक में प्रस्तावित कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l प्रदेश के मुख्य सचिव ने जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) निधि के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्रामों के समग्र विकास के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर “विलेज एक्शन प्लान” तैयार करने और उसे ग्राम सभा से अनुमोदित कराने पर जोर दिया है।
इस संबंध में मुख्य सचिव विकासशील ने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों और प्रभारी अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में DMF निधि के उपयोग के लिए प्रस्तावित कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास का वास्तविक लाभ पहुंचाना है।
बैठक में खनिज सचिव पी. दयानंद, खनिज विभाग के संचालक रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में तैयार की जा रही योजनाओं की जानकारी साझा की और सुझावों पर चर्चा की।
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि विलेज एक्शन प्लान में प्रभावित क्षेत्रों के हितग्राहियों को शासन की 31 विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही इन ग्रामों में 14 बुनियादी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए “विलेज सैचुरेशन मॉडल” के आधार पर कार्य किया जाए, ताकि विकास कार्यों का व्यापक प्रभाव दिखाई दे।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन की 10 विशेष प्राथमिकता वाली योजनाओं और 14 आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ ग्रामवार वार्षिक कार्य योजना में शामिल किया जाए। इस योजना को 15 मई तक अंतिम रूप देकर संबंधित वेबसाइट पर प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि DMF निधि से होने वाले सभी कार्यों की स्वीकृति और उनका क्रियान्वयन इसी वार्षिक कार्य योजना के आधार पर किया जाएगा। सूचीबद्ध कार्यों के अलावा किसी अन्य कार्य के लिए राशि स्वीकृत नहीं की जाएगी और योजना में किसी प्रकार का परिवर्तन या संशोधन भी स्वीकार नहीं होगा।
बैठक के दौरान बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में प्रस्तावित जनकल्याणकारी कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर योजना बनाई जा रही है।
वर्चुअल बैठक के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और स्थानीय निवासियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सकेगा।