खैरागढ़–छुईखदान–गंडई के लिए बहुप्रतीक्षित टिकरापुल को मिली प्रशासनिक स्वीकृति

सांसद संतोष पांडे की पहल पर खैरागढ़–छुईखदान–गंडई क्षेत्र के मोती नाला पर बनने वाले उच्चस्तरीय पुल टिकरापुल को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। ₹6.86 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल से शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र का विकास तेज होगा।

Dec 26, 2025 - 14:06
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खैरागढ़–छुईखदान–गंडई के लिए बहुप्रतीक्षित टिकरापुल को मिली प्रशासनिक स्वीकृति

 UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़–छुईखदान–गंडई क्षेत्र के निवासियों के वर्षों पुराने प्रतीक्षा के बाद बहुप्रतीक्षित टिकरापुल (मोती नाला पर उच्चस्तरीय पुल) को आखिरकार प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। सांसद संतोष पांडे की अनुशंसा पर यह परियोजना नवगठित जिले के लिए अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 12 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के अनुसार, इस परियोजना के लिए ₹686.56 लाख (6.86 करोड़ रुपये) की स्वीकृति दी गई है। पुल खैरागढ़ कलेक्ट्रेट के समीप ग्राम अकरजन मार्ग पर बनेगा, जिससे शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा।

सांसद पांडे ने 5 नवंबर 2025 को लोक निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर परियोजना की स्वीकृति की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से भी व्यक्तिगत रूप से मिलकर पुल निर्माण की आवश्यकता रखी थी। सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने बताया कि प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, सांसद प्रतिनिधि और क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोगों ने सांसद पांडे के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह पुल जवाहर सेतु योजना (नाबार्ड पोषित) के अंतर्गत स्वीकृत हुआ है। शासन ने निविदा प्रक्रिया से पहले तकनीकी स्वीकृति, ड्राइंग-डिजाइन की मंजूरी और न्यूनतम 90 प्रतिशत बाधा-रहित भूमि की उपलब्धता अनिवार्य की है। यदि भू-अर्जन आवश्यक हुआ तो उसे स्वीकृत राशि की सीमा में और विधिवत प्रक्रिया से किया जाएगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मितव्ययिता और समयसीमा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। किसी भी तरह की सामग्री या कार्य की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्रीय विकास के लिहाज से यह पुल अत्यंत महत्वपूर्ण है। वार्ड पार्षद चंद्रशेखर यादव के अनुसार, मोती नाला पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से बारिश के मौसम में आवागमन की समस्याएं समाप्त होंगी, कलेक्ट्रेट और शहर के बीच संपर्क सुगम होगा और व्यापार, शिक्षा तथा प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। यह स्वीकृति खैरागढ़ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और स्थानीय लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित सुविधा प्रदान करेगी।