पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा में जीवन और भक्ति का संदेश दिया
भिलाई के जयंती स्टेडियम में हनुमंत कथा के प्रथम दिवस पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जीवन, भक्ति और गुरु के महत्व पर प्रेरक संदेश दिए। उन्होंने कहा कि जीवन में आपदा को अवसर में बदलें और अपने अंदर खामियों को सुधारकर दूसरों में खूबियां देखें।
UNITED NEWS OF ASIA. भुवाल रोहितास, दुर्ग | भिलाई के जयंती स्टेडियम में हनुमंत कथा के प्रथम दिवस पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में खामियां खुद में ढूंढो और खूबियां दूसरों में देखो, तभी जीवन सफल और सार्थक बन सकता है। पंडित शास्त्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि जीवन में आने वाली आपदाओं को अवसर में बदलना चाहिए। चाहे कितनी भी विपत्तियां आएं, उन्हें अवसर के रूप में देखकर ही जीवन को सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भिलाई की भूमि वेदव्यास की भूमि है और इस्पात की भूमि होने के कारण यह क्षेत्र पूरे विश्व में विख्यात है। उन्होंने सेक्टर 9 के श्री हनुमान जी महाराज की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि यह शक्ति और भक्ति की भूमि है। हनुमान चालीसा के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लोग इसे पढ़ते हैं और गाते हैं, लेकिन इसके अर्थ और भाव को समझना आवश्यक है।
उन्होंने गुरु के महत्व को समझाते हुए कहा कि गुरु वह होता है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर खींचता है। जीवन में सही गुरु का चयन करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि गुरु ही हमें सत मार्ग दिखाता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
पंडित शास्त्री ने छत्तीसगढ़ के महान संत पूज्य गुरु घासीदास बाबा की याद दिलाते हुए बताया कि उन्होंने “मनखे मनखे एक समान” का नारा देकर समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से प्रेरित होकर अपने अंदर सुधार करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का आग्रह किया।
इस अवसर पर कथा के आयोजनकर्ता राकेश पांडेय, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, विधायक डोमन कोर्सेवाडा, पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशिला साहू, पूर्व विधायक सावलाराम डहरे, दयाराम साहू, लाभचंद बाफना और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कथा के माध्यम से पंडित शास्त्री ने भक्ति, जीवन दृष्टि और समाज सेवा का संदेश उपस्थित जनों तक पहुँचाया।