शाम लगभग सात बजे जैसे ही शिव आरती प्रारंभ हुई, घाट और सरोवर के चारों ओर दीपों की जगमगाती रोशनी से पूरा परिसर आलोकित हो उठा। ऐतिहासिक शिव मंदिर और सरोवर के तट पर दीपों की कतारें, मंत्रोच्चार और आरती की ध्वनि के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। दीपोत्सव के दौरान गंगा आरती एवं धूप आरती ने धार्मिक माहौल को और भी पावन बना दिया।
पाली महोत्सव 2026 के इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, श्रम, उद्योग, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन उपस्थित रहे। मंत्री देवांगन ने ऐतिहासिक शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि पाली की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और ऐसे आयोजनों से परंपरा तथा आस्था को नई ऊर्जा मिलती है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, विधायक पाली-तानाखार तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल, नगर पंचायत पाली के अध्यक्ष अजय जायसवाल तथा ग्राम पंचायत केराझरिया की सरपंच गिरजा सत्यनारायण पैंकरा, पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पाली महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, श्रद्धालु, महिला समूह और युवा उपस्थित रहे। दीपोत्सव और आतिशबाजी के साथ जैसे ही कार्यक्रम का समापन हुआ, पूरा क्षेत्र भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने कहा कि पाली का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
पाली महोत्सव 2026 के शुभारंभ के साथ ही आने वाले दिनों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्य, संगीत प्रस्तुतियों और विभिन्न आयोजनों के माध्यम से पाली नगरी एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है।