पुलिस ने 65 लाख रुपये कीमत के नशीले पदार्थ किए नष्ट, एनडीपीएस मामलों में बड़ी कार्रवाई

बुधवार को पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 65 लाख रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की देखरेख में पुलिस लाइन परिसर में की गई।

Feb 21, 2026 - 13:55
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पुलिस ने 65 लाख रुपये कीमत के नशीले पदार्थ किए नष्ट, एनडीपीएस मामलों में बड़ी कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. विकाश श्रीवास्तव, सूरजपुर | जिला मुख्यालय। मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने बुधवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई की। जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की देखरेख में पुलिस लाइन परिसर में बनाए गए अस्थायी भट्ठे के माध्यम से लगभग 65 लाख रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों को विधिवत नष्ट किया गया। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों में जब्त सामग्री के सुरक्षित और वैधानिक निपटान के लिए की गई।

कार्रवाई के दौरान पुलिस द्वारा कुल 101.74 किलोग्राम गांजा, 753 नग गांजा के पौधे, 103 नग प्रतिबंधित टेबलेट, 778 नग इंजेक्शन, 98 नग कफ सिरप तथा 5920 नग कैप्सूल को नष्ट किया गया। जब्त किए गए इन सभी नशीले पदार्थों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 65 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस लाइन परिसर में की गई इस प्रक्रिया के दौरान सभी औपचारिकताओं का पालन करते हुए नशीले पदार्थों का विनष्टीकरण किया गया। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति द्वारा की गई, ताकि निपटान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी 23 दिसंबर 2022 की अधिसूचना तथा छत्तीसगढ़ शासन के 21 नवंबर 2024 के निर्देशों के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि जब्त सामग्री का समयबद्ध और सुरक्षित निपटान भी अत्यंत आवश्यक है, जिससे इसके दुरुपयोग की किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

उन्होंने बताया कि जिला पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों में जब्त किए गए नशीले पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के बजाय, नियमानुसार नष्ट किया जाना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई की गई है।

डीआईजी एवं एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान लगातार जारी रहेगा। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है तथा आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून का पालन करना ही नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए जिले में कोई स्थान नहीं है। युवाओं को नशे से बचाने और सुरक्षित भविष्य देने के लिए पुलिस, प्रशासन तथा अन्य विभागों के समन्वय से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि नशीले पदार्थों के निपटान की यह पूरी प्रक्रिया भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है, ताकि न्यायालयों में विचाराधीन मामलों से संबंधित जब्त सामग्री का विधिसम्मत और पारदर्शी निपटान सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान संबंधित अधिकारी, समिति के सदस्य एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।