उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने छात्रा सुधा सिंह को सम्मानित करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सम्मान समारोह के दौरान मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अंचलों की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और खेल के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रही हैं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच, संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करता है। सुधा सिंह की सफलता यह सिद्ध करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी यदि संकल्प और मेहनत मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों की प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, इसके लिए सरकार लगातार योजनाओं और सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिल सके।
सुधा सिंह की इस उपलब्धि से लखनपुर क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। महाविद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने छात्रा के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सुधा सिंह ने कठिन परिश्रम, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने इसे महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
महाविद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि सुधा सिंह भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर राज्य और देश स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएंगी। शिक्षकों ने यह भी कहा कि ऐसे विद्यार्थियों की सफलता से न केवल महाविद्यालय का नाम रोशन होता है, बल्कि ग्रामीण अंचल के अन्य छात्र-छात्राओं में भी खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ता है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी सुधा सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी ने कहा कि सुधा की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मार्गदर्शन सही मिले और मेहनत निरंतर हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
सम्मान समारोह के अंत में मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुधा सिंह को आगे भी निरंतर अभ्यास करने और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सुधा सिंह जैसी प्रतिभाएं न केवल अपने परिवार और महाविद्यालय का, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।