निजीकरण के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, राजनांदगांव में प्रधानमंत्री का पुतला दहन

राजनांदगांव के जयस्तम्भ चौक पर युवा कांग्रेस ने निजीकरण के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी में नारेबाजी हुई। युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की सार्वजनिक संस्थाओं और संसाधनों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, जिसके विरोध में आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।

Dec 26, 2025 - 13:52
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निजीकरण के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, राजनांदगांव में प्रधानमंत्री का पुतला दहन

UNITED NEWSA OF ASIA.नेमिश, राजनंदगांव |  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में निजीकरण के विरोध को लेकर युवा कांग्रेस द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। शहर के प्रमुख जयस्तम्भ चौक पर आज युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे और निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की गई।

पुतला दहन के समय मौके पर तैनात पुलिस बल ने पुतले पर पानी छिड़क कर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घेरा बनाकर पुतला दहन जारी रखा। इस दौरान कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण भी हो गई, हालांकि पुलिस की सतर्कता से हालात नियंत्रित रहे।

मीडिया बाइट में युवा कांग्रेस नेता अभिमन्यु मिश्रा ने कहा कि देशभर की सार्वजनिक संस्थाओं को लगातार निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हसदेव से लेकर तमनार तक की परियोजनाएं निजीकरण की भेंट चढ़ रही हैं। इसके साथ ही सेक्टर-9 अस्पताल से लेकर मैत्री बाग जैसी सार्वजनिक सुविधाओं को भी निजी हाथों में देने की तैयारी की जा रही है, जो आम जनता के हितों के खिलाफ है।

अभिमन्यु मिश्रा ने बताया कि इन नीतियों के विरोध में भिलाई विधायक और युवा नेता देवेंद्र यादव पिछले पांच दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं। उनके समर्थन में और केंद्र सरकार की निजीकरण नीति के खिलाफ यह पुतला दहन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया, तो युवा कांग्रेस आगे भी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष राजनांदगांव गुरवेज सिंह माखीजा ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा बसाया गया भिलाई शहर आज निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों का निजीकरण युवाओं के रोजगार और आम नागरिकों की सुविधाओं पर सीधा असर डाल रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मानव देशमुख सहित अन्य युवा कांग्रेस नेताओं ने भी अपने विचार रखे और निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन युवा कांग्रेस ने साफ किया कि जनता के हितों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।