मानसून का इंतजार खत्म, केरल में दस्तक के साथ अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी

देशभर में मानसून का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश कर रहा है। इसके साथ ही केरल, तमिलनाडु और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।

Jun 4, 2026 - 12:13
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मानसून का इंतजार खत्म, केरल में दस्तक के साथ अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA . देशभर में लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब भारत में प्रवेश करने जा रहा है और इसके साथ ही कई राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार मानसून केरल में दस्तक दे रहा है, जिसके बाद दक्षिण भारत के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक वर्षा गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग ने अगले पांच से सात दिनों के दौरान केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश को देखते हुए केरल के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और भूस्खलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

आईएमडी के अनुसार मानसून केरल के साथ-साथ तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी सक्रिय हो सकता है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

इस वर्ष मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी हुई है। मौसम विभाग ने पहले इसके मई के अंतिम सप्ताह में केरल पहुंचने की संभावना जताई थी, लेकिन वैश्विक मौसमीय परिस्थितियों और एल नीनो के प्रभाव के कारण इसकी गति प्रभावित हुई। इसके बावजूद अब मानसून की सक्रियता बढ़ने से कृषि और जल संसाधनों के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में क्यूम्युलोनिम्बस बादलों के विकसित होने से 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बारिश हो सकती है।

उत्तर भारत में भी मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी। दोपहर और शाम के समय धूल भरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे कई क्षेत्रों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मानसून भारत की कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। यह समुद्र से आने वाली मौसमी हवाओं की प्रणाली है, जो जून से सितंबर तक देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा कराती है। मानसून शब्द अरबी भाषा के "मौसिम" शब्द से बना है, जिसका अर्थ मौसम या मौसमी हवाएं होता है। यही हवाएं भारत में वर्षा लाकर खेती, जलस्रोतों और जनजीवन को प्रभावित करती हैं। इस बार मानसून के आगमन से किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।