रिमझिम बारिश में भी जारी स्वच्छता अभियान, घर-घर पहुंच रहे स्वच्छाग्रही
कबीरधाम जिले में लगातार बारिश के बावजूद स्वच्छाग्रही घर-घर पहुंचकर कचरा संग्रहण और चार डिब्बों में कचरा पृथक्करण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्वच्छता अभियान को बरसात में भी प्रभावी ढंग से जारी रखने पर जोर दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले में लगातार हो रही रिमझिम बारिश के बावजूद स्वच्छता अभियान पूरी गति से जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वच्छाग्रही प्रतिकूल मौसम के बीच भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए घर-घर पहुंचकर कचरा संग्रहण कर रहे हैं। इसके साथ ही वे ग्रामीणों को स्रोत स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण करने और स्वच्छता बनाए रखने के प्रति लगातार जागरूक भी कर रहे हैं।
बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे समय में स्वच्छाग्रहियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वच्छाग्रही रेनकोट, गमबूट, ग्लव्स और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग कर नियमित रूप से गांवों में सेवाएं दे रहे हैं। वे घर-घर जाकर लोगों से अलग-अलग प्रकार के कचरे को निर्धारित डिब्बों में रखने की अपील कर रहे हैं।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्वच्छाग्रहियों के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में चार रंगीन डिब्बों के माध्यम से कचरे का पृथक्करण और संग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान गीले कचरे की मात्रा बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित कचरा संग्रहण और उचित निस्तारण बेहद आवश्यक है।
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित समय पर आने वाले स्वच्छाग्रहियों को समय पर कचरा उपलब्ध कराएं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा, लाल डिब्बे में सेनेटरी अपशिष्ट तथा काले डिब्बे में ई-वेस्ट अलग-अलग डालें। इससे कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन आसान होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छाग्रहियों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। लोगों को खुले में कचरा फेंकने और जलभराव की स्थिति बनने से बचना चाहिए, ताकि नालियां जाम न हों और मच्छरों के पनपने की संभावना कम हो। उन्होंने "स्वच्छ कबीरधाम, स्वस्थ कबीरधाम" के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार चयनित सभी ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। स्वच्छाग्रही दीदियों को प्रोत्साहित करने के लिए 15वें वित्त आयोग के टाइड फंड से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश सभी सरपंचों और सचिवों को दिए गए हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को यूजर चार्ज संग्रहण सुनिश्चित करने और ग्रामीणों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
बरसात के मौसम में स्वच्छाग्रहियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें ग्लव्स, गमबूट, जूते, मास्क, एप्रन, साड़ी सहित आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इन संसाधनों की मदद से वे सुरक्षित वातावरण में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जिला प्रशासन का मानना है कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। यदि प्रत्येक परिवार घर से ही कचरे का पृथक्करण करे और नियमित रूप से स्वच्छाग्रहियों को सहयोग दे, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना अधिक आसान होगा। बरसात के मौसम में यह अभियान न केवल सफाई व्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।