कवर्धा में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर, 33 लोगों की हुई जांच, 7 संभावित मरीज चिन्हित
कवर्धा जिला अस्पताल में आयोजित निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर में 33 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 7 संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार और नियमित फॉलोअप से जोड़ा गया।
UNITED NEWS OF ASIA. जिले में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल कवर्धा में निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए 33 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जांच के दौरान 7 संभावित मरीजों की पहचान की गई, जिन्हें विशेषज्ञ परामर्श देकर आगे की उपचार प्रक्रिया से जोड़ा गया तथा उनके नियमित फॉलोअप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
यह शिविर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर आयोजित किया गया। जिले में प्रतिमाह इस प्रकार के कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को शुरुआती अवस्था में ही कैंसर की पहचान और विशेषज्ञ उपचार का लाभ मिल सके। शिविर में नया रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर के ऑन्को सर्जन डॉ. मुरली मोहन पी.के. एवं उनकी विशेषज्ञ टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया गया। इस दौरान महिलाओं के लिए आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। स्तन कैंसर की पहचान के लिए मेमोग्राफी, बच्चेदानी के मुख (सर्वाइकल) कैंसर की जांच के लिए पेप स्मीयर तथा मुख कैंसर की जांच के लिए ब्रश साइटोलॉजी जैसी जांचें की गईं। शिविर में 2 महिलाओं की मेमोग्राफी और 5 महिलाओं की पेप स्मीयर जांच की गई।
विकासखंडवार लाभार्थियों में सबसे अधिक 21 मरीज कवर्धा विकासखंड से पहुंचे। इसके अलावा बोड़ला से 10, सहसपुर लोहारा से 1 तथा पंडरिया से 1 मरीज ने शिविर का लाभ लिया। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मरीजों की विस्तृत जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना रहा। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि यदि कैंसर की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए तो इसका प्रभावी उपचार संभव है और मरीज के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों ने लोगों को कैंसर के सामान्य लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि स्तन में गांठ, मुंह में लंबे समय तक रहने वाला अल्सर, लगातार खांसी, अत्यधिक थकान, बिना कारण वजन कम होना, खून की कमी, गले में गांठ, निगलने में कठिनाई तथा असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि कैंसर के शुरुआती संकेतों को गंभीरता से लें और प्रतिमाह आयोजित होने वाले निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा समय पर जांच के माध्यम से कैंसर से होने वाली गंभीर जटिलताओं को कम करना है।
नियमित जांच, समय पर उपचार और जनजागरूकता के माध्यम से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित ऐसे शिविर आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं।