कबीरधाम में नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी शिविर, 53 बच्चों की जांच, 18 ऑपरेशन के लिए चिन्हित

कबीरधाम जिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत आयोजित नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी शिविर में 53 बच्चों की हृदय जांच की गई। जांच के बाद 18 बच्चों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया, जिनका निःशुल्क उपचार शासन की योजना के तहत कराया जाएगा।

Jul 21, 2026 - 17:10
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कबीरधाम में नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी शिविर, 53 बच्चों की जांच, 18 ऑपरेशन के लिए चिन्हित

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला चिकित्सालय संबद्ध शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर आयोजित किया गया। रायपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सहयोग से आयोजित इस शिविर में जिले के 53 बच्चों की हृदय संबंधी जांच की गई, जिनमें से 18 बच्चों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। इन सभी बच्चों का उपचार शासन की व्यवस्था के अनुसार पूरी तरह नि:शुल्क कराया जाएगा।

शिविर का आयोजन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर किया गया। इसका उद्देश्य जन्मजात एवं अन्य हृदय रोगों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में बच्चों की विस्तृत जांच की गई, जिससे गंभीर मामलों की पहचान कर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की जा सके।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने शिविर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग से इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को समय रहते उपचार का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बिना किसी विलंब के आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

शिविर में रायपुर से आए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. चन्द्रकांत उसेंडी ने बच्चों की विशेषज्ञ जांच की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और चिरायु टीम ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों ने भी शिविर में उपस्थित होकर बच्चों और उनके अभिभावकों का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत जिले के शासकीय, अनुदान प्राप्त विद्यालयों, आश्रम-छात्रावासों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत चिरायु दल वर्ष में एक बार स्कूलों और वर्ष में दो बार आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच, परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराता है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को शासन द्वारा अनुबंधित अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा भी दी जाती है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा ने अभिभावकों को बच्चों में हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि शिशुओं में दूध पीते समय जल्दी थक जाना, अधिक पसीना आना, होंठ या नाखूनों का नीला पड़ना, वजन नहीं बढ़ना तथा तेज सांस चलना हृदय रोग के संकेत हो सकते हैं। वहीं बड़े बच्चों में थोड़े परिश्रम पर सांस फूलना, अत्यधिक थकान, सीने में दर्द, खेलते समय चक्कर आना या बेहोश होना तथा धड़कन का असामान्य रूप से तेज महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर जांच और उपचार से बच्चों को गंभीर हृदय रोगों से बचाया जा सकता है। अभिभावकों से अपील की गई कि यदि बच्चों में ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें। इस प्रकार के विशेष स्वास्थ्य शिविर बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।