मंत्री केदार कश्यप ने जन्मदिन मनाया बच्चों के साथ — मड़ानार स्कूल में ‘नेवता भोज’ कर बढ़ाया अपनापन
वन, जलवायु परिवर्तन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने अपने जन्मदिन पर कोण्डागांव के ग्राम मड़ानार में स्कूली बच्चों के साथ ‘नेवता भोज’ किया। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे और उन्हें मेहनत व राष्ट्र सेवा की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘नेवता भोज’ पहल का उल्लेख करते हुए मंत्री ने इसे पोषण और समानता का प्रतीक बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने अपने जन्मदिन के अवसर को एक अनोखे और प्रेरणादायी रूप में मनाया। उन्होंने कोण्डागांव विकासखंड के ग्राम मड़ानार स्थित शासकीय उच्च प्राथमिक शाला के स्कूली बच्चों के साथ बैठकर ‘नेवता भोज’ किया और इस दिन को बच्चों के साथ साझा कर इसे यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप ने स्वयं बच्चों के साथ पंक्ति में बैठकर खीर, पूरी, दाल, भात और पनीर का स्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे — जैसे “छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना कब हुई?”, “राज्य के निर्माता कौन हैं?” तथा “देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कौन हैं?” बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सही उत्तर देकर मंत्री को प्रभावित किया।
संवाद के दौरान मंत्री कश्यप ने कहा कि “आज का दिन मेरे जीवन का विशेष अवसर है क्योंकि मैंने इसे बच्चों के साथ बिताने का निर्णय लिया है। बच्चों की मुस्कान ही सच्चा आशीर्वाद है।” उन्होंने कहा कि देश की बेटियों ने पहली बार वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा है, जो हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “आप सभी उन्हीं बेटियों की तरह मेहनत करें, अपने माता-पिता और समाज का नाम रोशन करें।”
मंत्री ने आगे कहा कि उन्हें आशा है कि आने वाले 15–16 वर्षों बाद जब वे इन बच्चों से दोबारा मिलेंगे, तब हर बच्चा किसी जिम्मेदार पद पर रहकर समाज और देश की सेवा कर रहा होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री ने कुपोषण के खिलाफ ‘नेवता भोज’ कार्यक्रम की शुरुआत की है, जो न केवल पोषण का प्रतीक है बल्कि समाज में समानता और अपनत्व की भावना को भी मजबूत करता है।”
मंत्री ने यह भी कहा कि “बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके चेहरे पर मुस्कान और उनके पेट में पौष्टिक भोजन होना हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।”
इस अवसर पर कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीता सोरी, जनपद अध्यक्ष अनीता कोर्राम, उपाध्यक्ष टोमेंद्र सिंह ठाकुर, जनपद सदस्य कमलेश्वरी सेठिया, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
बच्चों ने मंत्री के साथ फोटो खिंचवाए और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। मड़ानार स्कूल का यह दिन बच्चों के लिए न केवल उत्सव का अवसर बना, बल्कि शिक्षा, पोषण और समानता के संदेश को समाज तक पहुँचाने वाला प्रेरणादायी आयोजन भी साबित हुआ।
कोण्डागांव के ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का मानवीय और आत्मीय आयोजन यह संदेश देता है कि सत्ता में रहते हुए भी संवेदनशील नेतृत्व समाज के सबसे निचले तबके से जुड़कर उनके साथ खुशी बाँट सकता है।