गुढ़ियारी में भक्ति और संस्कृति का भव्य संगम, विशाल दही हांडी उत्सव में दिखा उत्साह

रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में बसंत अग्रवाल के संयोजन में विशाल दही हांडी उत्सव भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। सात पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने वाली टीम को 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया, जबकि मटकी में 50 हजार रुपये की नगद राशि रखी गई थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

Sep 6, 2026 - 08:46
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गुढ़ियारी में भक्ति और संस्कृति का भव्य संगम, विशाल दही हांडी उत्सव में दिखा उत्साह

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव भक्ति, आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। आयोजन समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी शामिल हुए।

भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना और आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद देर रात तक मैदान में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। इस वर्ष दही हांडी प्रतियोगिता में सात पिरामिड का रोमांच देखने को मिला। पुरुष वर्ग में 35 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया और गोविंदाओं ने मटकी तक पहुंचने के लिए जोरदार प्रयास किए।

अंततः सात पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने वाली टीम ने सफलता हासिल की। मटकी में 50 हजार रुपये की नगद राशि रखी गई थी, जबकि विजेता टीम को 10 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। महाराष्ट्र से आई टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सात पिरामिड तक पहुंचने में सफलता हासिल की, हालांकि वह दही हांडी नहीं फोड़ सकी। आयोजन समिति की ओर से बसंत अग्रवाल ने महाराष्ट्र की टीम को 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।

पिछले वर्ष की विजेता सोनजरी टीम ने भी छह पिरामिड बनाकर प्रयास किया, लेकिन इस बार वह सफल नहीं हो सकी। महिला दही हांडी प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। महिला विजेता टीम को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने 2.5 लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ संबोधन की शुरुआत की और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दही हांडी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता, एकता और हमारी सनातन संस्कृति से जुड़ा पर्व है।

उन्होंने महिला दही हांडी प्रतियोगिता की भी प्रशंसा करते हुए महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को समाज में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बताया। आयोजन में बी प्राक, लखबीर सिंह लक्खा और गरिमा स्वर्णा दिवाकर की प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहीं। भजनों और लोकगीतों से पूरा मैदान भक्तिमय हो गया, वहीं बी प्राक की प्रस्तुति पर दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। महंत राजीव लोचन महाराज ने आयोजन के माध्यम से सनातन मूल्यों, सामाजिक समरसता और गौसेवा का संदेश दिया।

उन्होंने लोगों को गौमाता के संरक्षण और सेवा के लिए आगे आने तथा एक परिवार-एक गाय के संकल्प की दिशा में प्रयास करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया। नारायण नामदेव ने सामाजिक भेदभाव समाप्त कर समानता, भाईचारे और मजबूत परिवार की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गुरु खुशवंत साहेब, कौशल्या देवी साय, वीणा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। बसंत अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए श्रद्धालुओं, अतिथियों, कलाकारों, प्रतिभागी टीमों, पुलिस-प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि शहरवासियों के उत्साह और सहयोग ने उत्सव को यादगार बना दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी यह आयोजन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और सेवा के संदेश को आगे बढ़ाता रहेगा।