बिजली दर बढ़ोतरी वापस लेने की मांग, कांग्रेस ने सरकार पर जनता पर बोझ बढ़ाने का लगाया आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक जुलाई से लागू बिजली दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि लगातार बढ़ती बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और महंगे बिलों से आम उपभोक्ता, किसान, व्यापारी और छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक की छूट फिर से लागू करने की भी मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक जुलाई से लागू बिजली दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि का विरोध करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पहले से बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान आम जनता पर यह फैसला अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में कई बार बिजली दरों में वृद्धि की जा चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग होता है और राज्य बिजली उत्पादन के मामले में अधिशेष श्रेणी में है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को महंगी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को अपेक्षा से कहीं अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार जिन परिवारों का मासिक बिजली बिल पहले चार सौ से पांच सौ रुपये के बीच आता था, उन्हें अब तीन हजार से चार हजार रुपये तक के बिल मिल रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं को दस हजार से तीस हजार रुपये तक के बिल मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कई उपभोक्ताओं का दावा है कि जितनी बिजली की खपत नहीं हुई, उससे अधिक राशि का बिल जारी किया गया है। कांग्रेस ने मांग की कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। पार्टी का यह भी कहना है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त कर सामान्य बिजली मीटर फिर से लगाए जाएं।
कांग्रेस ने किसानों की स्थिति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए महंगी बिजली का उपयोग करने से कृषि लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। वहीं छोटे और मध्यम उद्योग, होटल व्यवसायी तथा अन्य व्यावसायिक उपभोक्ता भी बढ़ी हुई बिजली दरों के कारण अतिरिक्त आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर भी नई बिजली दरों का असर पड़ेगा।
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि उनकी आय में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों के वित्तीय नुकसान का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना उचित नहीं है। कांग्रेस ने सरकार से एक जुलाई से लागू नई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने, बिजली बिल हाफ योजना के तहत चार सौ यूनिट तक की छूट फिर से लागू करने तथा स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य मीटर लगाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।