मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक: तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बलरामपुर के तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति को भारतीय संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने जिले के लिए 4 महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, 667 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी और सामूहिक विवाह में 200 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।

Jan 15, 2026 - 12:34
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मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक: तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। मकर संक्रांति पर्व के पावन अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने मकर संक्रांति को भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति, परंपरा और आपसी सौहार्द से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री साय ने तातापानी महोत्सव के भव्य मंच से बलरामपुर जिले के समग्र विकास के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा की कि तातापानी महोत्सव के सफल और निरंतर आयोजन के लिए अब प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिससे यह आयोजन और अधिक भव्य व आकर्षक स्वरूप ले सकेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को 667 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें सड़क, पुल-पुलिया, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है और बलरामपुर-रामानुजगंज जिला इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

तातापानी महोत्सव के दौरान आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 200 नवविवाहित जोड़ों को परिणय सूत्र में बंधते हुए आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं सामाजिक समरसता, आर्थिक सशक्तिकरण और पारिवारिक मूल्यों को मजबूती प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तातापानी केवल धार्मिक और पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि यह क्षेत्र सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के गर्म जलस्रोत, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक मान्यताएं प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। राज्य सरकार तातापानी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री के आगमन से क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला और लोगों में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी।

तातापानी महोत्सव ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि संस्कृति, विकास और सामाजिक एकता के समन्वय से ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।