वार्ड नं. 5 ठाकुरपारा में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल, गंदे पानी और सफाई व्यवस्था से जनता नाराज
खैरागढ़ नगर पालिका के वार्ड नंबर 5 ठाकुरपारा में गंदे पानी की आपूर्ति, नालियों की बदहाल सफाई व्यवस्था और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। कांग्रेस पार्षद के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए वार्डवासी बदलाव की मांग कर रहे हैं। वहीं पार्षद अपनी ओर से विकास कार्यों और योजनाओं का हवाला दे रही हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l खैरागढ़ नगर पालिका क्षेत्र में आगामी 2026 के अंत में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच शहर के सभी वार्डों में जमीनी हकीकत जानने के लिए की जा रही पड़ताल में वार्ड नंबर 5 ठाकुरपारा में स्थानीय लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आई है। वार्ड में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, खासकर पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से घरों के नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिला है। मजबूरी में कई परिवार हैंडपंप या बाहर से पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
वार्ड में सफाई व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा हो गया है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
इन समस्याओं के बीच वार्ड में राजनीतिक असंतोष भी बढ़ता नजर आ रहा है। कई निवासियों ने मौजूदा जनप्रतिनिधि के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि पांच साल के कार्यकाल में बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
हालांकि, मौजूदा पार्षद की ओर से विकास कार्यों का दावा किया गया है। उनके अनुसार वार्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 30 से अधिक पक्के मकान बनाए गए हैं। साथ ही सड़क निर्माण, ओपन जिम और मिनी गार्डन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। पार्षद का कहना है कि पानी की समस्या गर्मी और तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है और शिकायत मिलने पर टैंकर के माध्यम से अस्थायी समाधान किया जाता है।
इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थायी उपायों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उनका मानना है कि सबसे जरूरी बुनियादी सुविधा साफ पानी और बेहतर सफाई व्यवस्था है, जो अभी तक प्रभावी रूप से उपलब्ध नहीं हो पाई है।
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वार्ड नंबर 5 में एंटी-इनकंबेंसी का असर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। जनता का मूड बदलाव की ओर झुकता नजर आ रहा है, जिससे राजनीतिक दलों के लिए यह वार्ड एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।