राज्यपाल रमेन डेका ने एंबुलेंस चलाकर दिया जनसेवा का संदेश, रायपुर में प्रेरक पहल

रायपुर में भाजपा स्थापना दिवस पर राज्यपाल रमेन डेका ने एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाने के साथ स्वयं ड्राइव कर जनसेवा का संदेश दिया। इस दौरान विधायक पुरन्दर मिश्रा भी मौजूद रहे।

Apr 6, 2026 - 17:50
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राज्यपाल रमेन डेका ने एंबुलेंस चलाकर दिया जनसेवा का संदेश, रायपुर में प्रेरक पहल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। रायपुर में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक और अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए स्वयं एंबुलेंस का संचालन किया। शंकर नगर स्थित गायत्री नगर के जगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने सेवा, संवेदना और समर्पण का सशक्त संदेश समाज तक पहुंचाया।

कार्यक्रम की शुरुआत लोकभवन द्वारा प्रदत्त एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर की गई। लेकिन इस आयोजन का सबसे खास और भावनात्मक क्षण तब सामने आया, जब राज्यपाल रमेन डेका स्वयं एंबुलेंस चलाते हुए दिखाई दिए। उनके साथ रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस जनसेवा पहल में सहभागिता निभाई।

यह एंबुलेंस सेवा  जगन्नाथ सेवा समिति के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद और वंचित वर्ग के लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। यह पहल उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित होगी, जो आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते।

इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा का स्थापना दिवस केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और अंत्योदय के मूल सिद्धांतों को याद करने और उन्हें पुनः सशक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही सच्ची जनसेवा है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए उपयोगी कदम बताया। सभी ने मिलकर समाजहित में निरंतर कार्य करने और सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने का संकल्प लिया।

राज्यपाल रमेन डेका द्वारा स्वयं एंबुलेंस चलाना केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं था, बल्कि यह एक संदेश भी था कि पद और प्रतिष्ठा से ऊपर उठकर सेवा करना ही सच्ची नेतृत्व क्षमता है। इस पहल ने समाज में सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास का संचार किया है।

यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बनकर सामने आया है कि जब शासन और जनप्रतिनिधि मिलकर सेवा के भाव से कार्य करते हैं, तो समाज में वास्तविक बदलाव संभव होता है। इस पहल से न केवल जरूरतमंदों को राहत मिलेगी, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदना की भावना भी मजबूत होगी।

कुल मिलाकर, यह आयोजन सेवा, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा, जिसने यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी अपेक्षा के जरूरतमंदों तक पहुंचे।