देश ज़हर में डूब रहा है: IPAP ने ‘जीवन सत्याग्रह’ का राष्ट्रीय ऐलान किया

इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी (IPAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने देश में पानी, हवा, भोजन, दवा और स्वास्थ्य से जुड़े बढ़ते ज़हरीले संकट को लेकर “जीवन सत्याग्रह — ज़हर नहीं, जीवन चाहिए” नामक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन की घोषणा की। उन्होंने इसे कॉरपोरेट-सरकार गठजोड़ की साज़िश बताते हुए नागरिकों से चुप्पी तोड़ने की अपील की।

Jan 22, 2026 - 13:33
 0  7
देश ज़हर में डूब रहा है: IPAP ने ‘जीवन सत्याग्रह’ का राष्ट्रीय ऐलान किया

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | देश में बढ़ते पर्यावरण, स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े संकटों को लेकर इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी (IPAP) ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक कदम उठाया है। पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने रायपुर में बयान जारी करते हुए “जीवन सत्याग्रह — ज़हर नहीं, जीवन चाहिए” नामक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत आज ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ नागरिकों का जीवन धीरे-धीरे ज़हर से नष्ट किया जा रहा है, लेकिन शासन, सिस्टम और मुख्यधारा मीडिया मौन है।

डॉ. तिवारी ने देश की वर्तमान स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि पीने का पानी नाइट्रेट, सीवेज और रासायनिक तत्वों से दूषित हो चुका है, हवा ज़हरीले कणों से फेफड़ों को नष्ट कर रही है, भोजन मिलावट और कीटनाशकों से भरा हुआ है और दवाइयाँ तथा अस्पताल बीमारी को व्यापार में बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था रोजगार देने के बजाय बेरोज़गारी और मानसिक तनाव पैदा कर रही है, जबकि युवा नशे और अवसाद की ओर धकेले जा रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि यह स्थिति किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं, बल्कि कॉरपोरेट और सरकार के गठजोड़ द्वारा रची गई साज़िश है। डॉ. तिवारी के अनुसार आज देश में व्यवस्था नागरिकों के जीवन की नहीं, बल्कि मुनाफाखोरों की सुविधा के अनुसार संचालित हो रही है और आम आदमी का शरीर इस सिस्टम की प्रयोगशाला बन चुका है।

IPAP द्वारा घोषित ‘जीवन सत्याग्रह’ आंदोलन का उद्देश्य ज़हरीले पानी और हवा के खिलाफ संघर्ष करना, मिलावटी भोजन और नकली दवाओं का बहिष्कार, महंगे और भ्रष्ट स्वास्थ्य तंत्र को चुनौती देना तथा बेरोज़गारी और नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाना है। डॉ. तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी चुनावी लाभ के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार की रक्षा के लिए है।

देशवासियों से सीधी अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यदि आज जनता नहीं बोली, तो आने वाली पीढ़ियाँ बीमार शरीर, कमजोर दिमाग और गुलाम भविष्य के साथ जन्म लेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो इस ज़हर के खिलाफ नहीं बोलेगा, वह इस व्यवस्था का मौन सहयोगी होगा। IPAP ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे जनमत की आवाज़ बनें और एक नई, ईमानदार व जनपक्षीय राजनीति के निर्माण में सहभागी बनें।