पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2026 को थाना प्रभारी कुसमी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम त्रिपुरी में कुछ लोग खेतों में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान रूपदेव भगत और कौसिल भगत के खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होते पाई गई।
मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ करने पर उनकी पहचान Roopdev Ram Bhagat, Kaushil Bhagat, Manoj Kumar, Jirmal Munda, Upendra Kumar, Vindeshwar और Krishna Singh के रूप में हुई। पुलिस ने सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कार्रवाई के दौरान खेत में लगे अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। साथ ही दो डिब्बों में भरा हुआ अफीम का लासा और चार बड़े तथा एक छोटे बोरे में भरे सूखे अफीम के फल भी बरामद किए गए। सभी बरामद मादक पदार्थों को विधिवत तौलने पर कुल 4344.569 किलोग्राम वजन पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 75 लाख रुपये बताई गई है।
प्रशासन के अनुसार यह अवैध खेती लगभग 1.488 हेक्टेयर यानी करीब 3.67 एकड़ भूमि में की जा रही थी। जांच के दौरान भूमि के राजस्व रिकॉर्ड का अवलोकन किया गया, जिसमें यह जमीन पड़ती के रूप में दर्ज पाई गई।
जिले के कलेक्टर Rajendra Katara ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में एनडीपीएस एक्ट के तहत परीक्षण कर विधिवत जब्ती की कार्रवाई की गई है। इस मामले में **NDPS Act की धारा 8 और 18 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। इसके लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं।
जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।