सोनहत में गूँजी जन-हुंकार: समस्याओं के समाधान को लेकर कोरिया जन सहयोग समिति का शक्ति प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सोनहत में कोरिया जन सहयोग समिति के “हुंकार” अभियान के तहत सैकड़ों ग्रामीणों ने बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार और रोजगार से जुड़ी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी और प्रशासन ने निराकरण का आश्वासन दिया।
UNITED NEWS OF ASIA.प्रदीप पाटकर, कोरिया। क्षेत्र की वर्षों से लंबित बुनियादी समस्याओं को लेकर सोनहत में बुधवार को “हुंकार” गूँज उठी। कोरिया जन सहयोग समिति के नेतृत्व में आयोजित विशाल जनसभा में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को मुखर आवाज दी। समिति द्वारा मुख्यमंत्री के नाम तैयार विस्तृत ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया, जिसमें बिजली, सड़क, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार और रोजगार से जुड़ी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
जनसभा में नावटोला, कचोहर, चंदहा, रामगढ़, मेण्ड्रा, सलगवां, कैलाशपुर सहित कई दूरस्थ गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि कई गांव आज भी अंधेरे और डिजिटल दूरी से जूझ रहे हैं। समिति ने वर्षों से लंबित विद्युतीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण करने, रामगढ़ व मेण्ड्रा क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने तथा खराब रोड लाइटों को बदलने की मांग रखी।
ज्ञापन में सड़क निर्माण को क्षेत्र की जीवनरेखा बताते हुए रामगढ़-कोटाडोल सड़क, मेण्ड्रा-अमहर मार्ग, तहसील कार्यालय व कॉलेज तक की जर्जर सड़कों के सुधार और गिधेर व सेमरिया में टूटे पुलों के पुनर्निर्माण की मांग की गई। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर पंडो जनजाति के जाति प्रमाण पत्र हेतु विशेष शिविर, लोलकी व उरांव पारा को राजस्व ग्राम घोषित करने तथा मितानिन बहनों के लंबित मानदेय भुगतान की मांग भी प्रमुख रही।
वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पट्टा दिए बिना उनके घरों को अतिक्रमण बताकर न गिराने और राशन दुकानों की दूरी कम करने हेतु नए केंद्र खोलने की मांग भी रखी गई। शिक्षा और खेल के क्षेत्र में प्राथमिक शाला, मिनी स्टेडियमों के निर्माण तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सभा स्थल पर प्रशासन की ओर से तहसीलदार सोनहत श्री संजय राठौर पहुंचे, जिन्होंने ज्ञापन स्वीकार कर कई समस्याओं को उचित मानते हुए उनके निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने शेष मांगों को शासन स्तर पर भेजने की बात कही।
जनसभा में अधिवक्ता, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीणों की भारी उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि “हुंकार” अब केवल एक समिति नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज बन चुकी है। यह आंदोलन जनता के हक और अधिकार की लड़ाई का मजबूत संदेश बनकर उभरा है।