बचेली–पाड़ापुर टेलिंग डैम में भारी अनियमितताओं का आरोप, हजारों ग्रामीणों की जान पर मंडरा रहा खतरा
दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित पाड़ापुर क्षेत्र में निर्माणाधीन टेलिंग डैम को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। डैम की जर्जर स्थिति, गहरी दरारें और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने एनएमडीसी, निर्माण एजेंसी और निगरानी कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. नविन चौधरी बचेली, दंतेवाड़ा | जिले के बचेली अंतर्गत पाड़ापुर क्षेत्र में निर्माणाधीन टेलिंग डैम को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि डैम की वर्तमान स्थिति अत्यंत जर्जर है और यह किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद संबंधित विभाग, निर्माण एजेंसी और निगरानी संस्था की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार टेलिंग डैम पूरी तरह खुला पड़ा हुआ है। न तो डैम क्षेत्र में बाड़बंदी की गई है और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। ग्रामीण इलाका होने के कारण मवेशी, बच्चे और आम लोग बेखौफ होकर डैम क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि एनएमडीसी द्वारा किन मापदंडों के आधार पर इस टेलिंग डैम के लिए टेंडर जारी किया गया और निर्माण एजेंसी केपीआईएल (कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड), कोलकाता द्वारा गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। डैम की सतह पर जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं और नींव से लेकर ऊपरी हिस्से तक लगभग 2.5 से 3 मीटर चौड़ी गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं, जो इसकी मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
स्थिति को और भी भयावह बनाता है यह तथ्य कि टेलिंग डैम के सामने ही पाड़ापुर ग्राम बसा हुआ है। मानसून के दौरान यदि अधिक वर्षा या जलभराव हुआ और डैम क्षतिग्रस्त हुआ, तो हजारों ग्रामीणों और पशुधन की जान पर सीधा खतरा मंडरा सकता है। यह एक बड़ी मानव-निर्मित आपदा का रूप ले सकता है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि परियोजना की तकनीकी निगरानी कर रही मेकॉन कंपनी अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रही है। बिना समुचित फाउंडेशन जांच के दलदली जमीन पर निर्माण कराया जा रहा है और घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, टेलिंग डैम की तत्काल बाड़बंदी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों की जान-माल की रक्षा की जा सके।