बलौदा बाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री हादसे में पीड़ितों को न्याय मिले, मृतकों के परिजनों को 50 लाख मुआवजा दे सरकार – मोहम्मद सिद्दीक

बलौदा बाजार के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट में मजदूरों की मौत और घायल होने पर कांग्रेस नेता मोहम्मद सिद्दीक ने सरकार से दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

Jan 22, 2026 - 17:23
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बलौदा बाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री हादसे में पीड़ितों को न्याय मिले, मृतकों के परिजनों को 50 लाख मुआवजा दे सरकार – मोहम्मद सिद्दीक

UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर। बलौदाबाजार जिले के बकुलाही क्षेत्र में स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में कई मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुखद घटना पर कांग्रेस असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता का परिणाम है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रत्येक मृतक मजदूर के परिजनों को 50 लाख रुपये और प्रत्येक घायल मजदूर को कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर उद्योगों को चलाते हैं, ऐसे में हादसे के बाद उन्हें और उनके परिवारों को बेसहारा छोड़ देना अमानवीय है।

सिद्दीक ने इस घटना के लिए फैक्ट्री प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन न तो सरकार ने कोई ठोस सबक लिया और न ही उद्योग प्रबंधन ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी। परिणामस्वरूप मजदूरों की जान लगातार खतरे में बनी हुई है।

मोहम्मद सिद्दीक ने सरकार से आग्रह किया कि वह नए और प्रभावी श्रम कानून लागू करे, जिससे फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो सके। साथ ही नियमित निरीक्षण, सुरक्षा ऑडिट और मजदूरों को प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए।

उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और उद्योग प्रबंधन की संयुक्त जिम्मेदारी है। बलौदाबाजार की इस घटना को चेतावनी के रूप में लेते हुए यदि अभी कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में और भी बड़ी त्रासदियां देखने को मिल सकती हैं।